रात के पास हैं हज़ार आंखें – फ़्रांसिस विलियम बोर्दिलान

फ़्रांसिस विलियम बोर्दिलान (1852-1921अनुवाद – दिनेश दधीचि

रात के पास हैं हज़ार आंखें
और दिन को मिली है एक फ़क़त।
फिर भी उस एक के न रहने से
रोशनी कुल जहां की मिट जाती।
मन की भी तो हज़ार आंखें हैं
और दिल को मिली है एक फ़क़त।
फिर भी इक प्यार के न रहने से
ज़िंदगी तीरगी में खो जाती।

Francis William Bourdillon (1852-1921)

The Night Has a Thousand Eyes

THE NIGHT has a thousand eyes,
And the day but one;
Yet the light of the bright world dies
With the dying sun.
The mind has a thousand eyes,
And the heart but one;
Yet the light of a whole life dies
When love is done.

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