उदयभानु हंस की साहित्यिक उड़ान’ का लोकार्पण – आनन्द प्रकाश आर्टिस्ट

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उदयभानु हंस की साहित्यिक उड़ान’ का लोकार्पण

भिवानी के साहित्यकार आनन्द प्रकाश आर्टिस्ट द्वारा हरियाणा के प्रथम राज्यकवि एवं हरियाणा स्वर्ण जयन्ती (वर्ष 2016) पर हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से आजीवन साहित्य साधना सम्मान से सम्मानित हरियाणा के वयोवृद्ध साहित्यकार उदयभानु के साहित्यिक अवदान को दृष्टिगत रखते हुए लिखी गई शोधपरक जीवनी ‘उदयभानु हंस की साहित्यिक उड़ान’ का लोकार्पण  दिनांक 2 अगस्त 2018 को ‘हंस’ जी के निवास ‘हंस विहार’ में हुआ। यह जानकारी देते हुए आनन्द प्रकाश आर्टिस्ट ने बताया है कि आज हंस जी के 93वें जन्मदिन पर उन्होंने अपनी कृति उनको भेंट की, हंस जी के सुपुत्र शशीभानु हंस, हिसार के वरिष्ठ साहित्यकार महेन्द्र जैन, वरिष्ठ पत्रकार कमलेश भारतीय और हरियाणवी फीचर फिल्म पगड़ी दा आॅनर के निर्देशक राजीव भाटिया के करकमलों से उदयभानु हंस जी की मौजूदगी में ‘हंस’ जी के जीवन व कार्यों पर लिखी गई विशेष कृति(शोधपरक जीवनी) का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर साहित्यकार अनिल शर्मा वत्स(भिवानी), विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’(तोशाम), राकेश मलिक(एस.डी.ओ. बी.एस.एन.एल.हिसार) और अन्य साहित्यकार उपस्थित थे। उपस्थित साहित्यकारों ने हंस जी के जन्मदिन पर एक काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया। इस काव्य गोष्ठी में अनिल शर्मा वत्स, विनोद वर्मा दुर्गेश और राकेश मलिक ने अपने-अपने अंदाज़ में अपनी कविताएं प्रस्तुत की। अनिल शर्मा ‘वत्स’ ने अपनी पुस्तक गीत-गठड़ी से भिवानी पर कविता प्रस्तुत की। विनोद वर्मा व महेन्द्र जैन ने गीत शैली में अपनी कविताएं प्रस्तुत करके वाहवाही लूटी, वहीं कमलेश भारतीय ने मुंशी प्रेमचन्द पर लिखी अपनी कविता ‘प्रेमचन्द की वसीयत’ के अलावा आनन्द प्रकाश आर्टिस्ट के स्वभाव पर अपनी काव्य पंक्तियां प्रस्तुत की।

पुस्तक के लोकार्पण उपरांत हिसार के आयकर आयुक्त राजेश कुमार ने ‘उदयभानु हंस की साहित्यिक उड़ान’ का अवलोकन करने के बाद इसे एक विशेष कृति बताते हुए आनन्द प्रकाश आर्टिस्ट के स्वर्णिम भविष्य की कामना की है और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी हैं। आनन्द प्रकाश आर्टिस्ट के इस साहित्यिक योगदान एवं उपलब्धी से भिवानी तथा हिसार और हरियाणा प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश भर के साहित्यकारों में खुशी की लहर है। ‘हंस’ जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर हरियाणा और हरियाणा के बाहर के विश्वविद्यालयों में बहुत सा शोध कार्य हुआ है। कई स्वतंत्र ग्रंथ भी उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाशित हुए हैं,किन्तु उनकी जीवनी लिखने का प्रयास अब तक किसी साहित्यकार ने नहीं किया है।

                साहित्यकार आनन्द प्रकाश आर्टिस्ट ने बताया है कि ज्योति प्रकाशन सोनीपत द्वारा प्रकाशित उनकी पुस्तक ‘उदयभानु हंस की साहित्यिक उड़ान’ कुल सात अध्यायों में विभाजित है। इसके छः अध्यायों में हंस जी के जन्म से लेकर उनके मान-सम्मान और अन्य उपलब्धियों तक का पूरा विवरण दिया गया है, तथा सातवां अध्याय उपसंहार के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा गया है कि आने वाली साहित्यिक पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए उदयभानु हंस के साहित्य के संरक्षण की तरफ विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है और यह काम किसी व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि सरकार के स्तर का है। 232 पृष्ठ की इस पुस्तक में उपसंहार के बाद परिशिष्ठ में आधार-ग्रंथ और सहायक-ग्रंथ सूची के अलावा लेखक के साथ हंस जी के कुछ यादगार फोटो भी ‘फोटो परिशिष्ट’ में दिए गए हैं। पुस्तक के आरम्भिक पृष्ठों में उदयभानु हंस जी के सुपुत्र शशीभानु हंस की ओर से आभार एवं शुभकामना संदेश और हिसार के वरिष्ठ साहित्यकार महेन्द्र जैन के प्राक्कथन में इस पुस्तक को हंस जी के साहित्यिक अवदान पर अब तक का अपनी तरह का पहला ग्रंथ बताया गया है। आनन्द प्रकाश आर्टिस्ट का कहना है कि उनका यह सौभाग्य है कि वह हंस जी जैसे महान कवि की शोधपरक जीवनी के रूप में अपने इस कार्य को सम्पन्न कर पाए।

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