उधम सिंह

वीर उधम सिंह – इंदर सिंह लांबा

उधम सिंह

सुणो अजूबा खास भाई, कर पक्का विश्वास आई
रचा नया इतिहास भाई, वीर उधम सिंह ने

सात साल की उम्र हुई जब, पहाड़ दुखों का टूट गया
अनाथ हो गया दुनिया म्हं, मां बाप का साया उठ गया
फिर अनाथालय में पढ़ण लग्या, भाइयों का साथ भी छूट गया
बैसाखी के दिन भाइयों, पापी हत्यारा लूट गया
यो काम था जुल्मी डायर का, था हुक्म जनरल ओडवायर का
खुड़का अंग्रेजों के फायर का, सुणा वीर उधम सिंह ने
रया नया इतिहास भाई …

जलियां वाले बाग में, हुए शहीद हजारों नर नारी
हाहाकार सुणी उधम नै, कोप भरा मन में भारी
एक लाश ढूंढने गया बाग म्हं, न्यू बोल्या दे कै किलकारी
मनै कसम उठा ली बदला ल्यूंगा, सुण पापी अत्याचारी
मैं तनै ज्यान तै मारूंगा, तेरे लंबे पैर पसारूंगा।
भारत मां का कर्ज उतारूंगा, कही वीर उधम सिंह नै
रचा नया इतिहास भाई……

करके नै जुगाड सारा, चीर गया तूफानों को
लंदन शहर म्हं पहुंच गया, मारणे शैतानों को
वारे शाह की हर सुणाता, भारतीय नौजवानों को
माली भी बणा या उधम सींचता उद्यानों को
फेर चलाई कार भाई, करा 21 साल इंतजार भाई
एक पिस्टल लिया उधार भाई, वीर उधम सिंह नै
रचा नया इतिहास भाई…

इंदर लांबा पता चला जब, एक गुप्ति मीटिंग का
पिस्तौल छुपाया पुस्तक म्हं, कमाल था फिटिंग का
कैक्सटन हाल में पहुंच गया, देख्या हिसाब सिटिंग का
जित ओडवायर बैठा था, करया मुआयना उस विंग का
फेर उधम सिंह ललकारा था, उडै़ ओडवायर को मारा था
भारत मां का कर्ज उतारा था, वीर उधम सिंह नै
रचा नया इतिहास भाई……

इन्दर सिंह लाम्बा लोक गायक व लेखक। रेडियो टेलीविजन और फिल्म कलाकार। सेवा निवृत्त कलाकार सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा। गांव बजीणा जिला भिवानी हरियाणा।

इंदर सिंह लांबा

One comment

  • मनोज पुनिया says:

    बहुत ही सुन्दर रचना है. इतिहास के तथ्य भी बिलकुल दुरस्त हैं. पढ़ के जोश बढ़ जाता है। इंद्र सिंह लम्बा जी को ढेर सारी शुभ कामनाएं।

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