डॉ अम्बेडकर

डा. भीमराव अंबेडकर के लेख पर परिचर्चा

सत्यशोधक फाउंडेशन द्वारा जुलाई महीने के अंतिम सप्ताह में आंबेडकर पर चर्चा के रूप में एक सप्ताह का आह्वान किया गया है. इस कार्यक्रम में प्रदेश के भिन्न भिन्न स्थानों से छोटे बड़े समूहों में डॉ आंबेडकर के जीवन तथा उनके लेखन पर आधारित चर्चा आयोजित की जा रही है जिसका उद्देश्य डॉ अम्बेडकर द्वारा लिखे गये साहित्य से युवाओं का परिचय करवाना है.

अंबेडकर युवा समिति थुआ व सत्यशोधक फाउंडेशन की ओर से ‘डॉ भीमराव अंबेडकर के जीवन व दर्शन‘ विषय पर एक संवाद गोष्ठी

26 जुलाई 2021, आज अंबेडकर युवा समिति थुआ व सत्यशोधक फाउंडेशन की ओर से ‘डॉ भीमराव अंबेडकर के जीवन व दर्शन ‘विषय पर एक संवाद गोष्ठी का आयोजन किया गया ! कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर सुनील थुआ ने शिरकत की व कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर दिलबाग सिंह ने की. संवाद गोष्ठी में अंबेडकर के जीवन संघर्ष व चुनौतियों बिषय अम्बेडकर द्वारा 1954 में दिए गए भाषण के आत्म कथ्यों से जुड़ी ऑडियो डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई जिसमें बताया था कि उनके जीवन के तीन गुरु बुद्ध, कबीर व ज्योतिबा फुले थे जिन्हें पढ़कर मेरे जीवन की दिशा बदल गई थी इसके अलावा शिक्षा, स्वाभिमान व संघर्ष उनके जीवन की तीन प्रमुख प्रेरणाएं भी थी!विचार गोष्टी में मुख्य वक्ता प्रोफेसर सुनील थुआ ने बताया कि अम्बेडकर का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है वे बहुत बड़े शिक्षाविद कानूनविद ,समाज चिंतक व अर्थशास्त्री थे ।उन्होंने हमेशा जीवन की धारा के विपरीत बहते हुए शिक्षा हासिल की वो हमेशा ज्ञान को समाज मे बदलाव का हथियार माना “शिक्षित बनो ,संगठित रहो संघर्ष करो उनका प्रसिद्ध नारा था.अपने जीवन में इसी को आधार बनाते हुए गरीब, दलित वंचितों व महिलाओं के जीवन मे क्रांतिकारी बदलाव लेकर आये .उन्होंने समाज में मौजूदा असमानता,अन्याय व अत्याचार को मिटाने के लिए सामाजिक आन्दोलनों का बिगुल बजाया था ।हमें वर्तमान में उनके साहित्य का अध्ययन व श्रवण द्वारा प्रचारित प्रसारित करके इसके जरिये जन चेतना का निर्माण करना होगा इससे अंबेडकर के सपनों का भारत बनेगा! ततपश्चात समारोह में मौजूद युवा समिति के सदस्यों ने अम्बेडकर के जीवन प्रश्नों के माध्यम से संवाद किया जो कि बहुत रोचक व ज्ञानवर्धक रहा कार्यक्रम के अंत मे समिति के प्रभारी प्रवीण व अन्य सदस्यों ने सत्यशोधक फाउंडेशन व मुख्य वक्ता का आभार किया इस अवसर अशोक राजेश,आदि उपस्थित रहे.

रिपोर्ट- सुनील कुमार थुआ.

हिंदी साहित्य परिषद कु. वि. कु. व सत्यशोधक फाउंडेशन के तत्वधान में ऑडियो डॉक्यूमेट्री का आयोजन

27 जुलाई, 2021. आज हिंदी साहित्य परिषद कु. वि. कु. व सत्यशोधक फाउंडेशन के तत्वधान में एक ऑडियो डॉक्यूमेट्री का आयोजन किया गया। जिसमें बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेड़कर द्वारा 18 अक्टूबर 1954 में दिया गया भाषण प्रस्तुत किया गया। जिसमें डॉ भीम राव अम्बेड़कर जी के जीवन व संघर्ष को उजागर किया गया हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने तीन गुरु और तीन प्रेरणाएँ का भी का जिक्र किया है। उनके तीन गुरु थे बुद्ध, कबीर, ज्योतिबा फुले जिनको पढ़कर उनके जीवन मे नया मोड़ आया। इसके अलावा शिक्षा, स्वाभिमान, चरित्र उनकी तीन प्रेरणाएँ भी थी। नासिक मंदिर प्रवेश, महाड़ सत्याग्रह , व गाँधी जी के साथ राजनैतिक संघर्ष के बारे मे बताया गया । इसके साथ ही महिलाओं की स्थिति का वर्णन किया गया है कि किस प्रकार महिलाओं को पितृसत्ता की दासी बनाकर रखा गया हैं। बाबा साहब ने बहिष्कृत भारत पत्रिका के संपादक व संघर्ष का भी जिक्र किया है बाबा साहब ने शिक्षा को महासागर कहा जिसमें कोई भी व्यक्ति डूबकी लगा सकता है और ज्ञान पर अधिक बल देने की बात कहीं हैं। इस ऑडियो का सुनना बहुत ही ज्ञानवर्धक रहा है जिसमें हिंदी विभाग के योगेश , विनोद, गौरव, मनदीप, विनोद, गगन व अन्य साथी मौजूद रहें।

रिपोर्ट- गौरव

देस हरियाणा व सत्यशोधक फाउंडेशन के तत्वावधान में गांव करसिन्धु, (जिला जींद) में डॉ. भीमराव अम्बेडकर के लेख ”मेरे तीन गुरु और तीन प्रेरणाएं” का प्रसारण

आज दिनांक 28 जुलाई 2021 को देस हरियाणा व सत्यशोधक फाउंडेशन के तत्वावधान में गांव करसिन्धु, (जिला जींद) में एक कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया जिसमें डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के लेख ” मेरे तीन गुरु और तीन प्रेरणाएं” का प्रसारण किया गया। जिसके माध्यम से सभी को डॉ. अम्बेडकर की तीन गुरु बुद्ध, कबीर और ज्योतिबा फुले और तीन प्रेरणा विद्या, चरित्र और स्वाभिमान से अवगत कराया गया और सभी को डॉ.अम्बेडकर के जन्म, बचपन और उनकी पारिवारिक स्थिति के साथ साथ उनके संघर्ष को जानने का मौका मिला। लेख सुनने के बाद सभी ने इस पर अभी प्रतिक्रिया भी दी और कहा कि हमें बाबा साहेब का यह लेख सुनकर उन्हें और अच्छी तरह से जानने का मौका मिला। यह देस हरियाणा द्वारा उठाया गया सराहनीय कदम है जिससे आम इंसान तक वो लेख और पत्र पहुंच पाते हैं जिनको वो पढ़ना तो चाहते है पर किसी न किसी कारणवश वो नहीं पढ़ पाते पर यूट्यूब पर सभी इसे आसानी से सुन सकते हैं पढ़े लिखे भी और अनपढ़ भी। इस आयोजन में गुरदीप, सोहन, अनूप, कृष्ण, अजय, मोनिका, अनिल, बिशन, साहिल, मेनका, अजय, अभिषेक आदि मौजद रहे।

रिपोर्ट- गुरदीप

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