अच्छी लड़कियां – दिव्य भसीन कोचर

अच्छी लड़कियां

खिड़की से झांकती लड़कियां
देखती है हंसती खिलखिलाती
लड़कियों को
चीखती चिल्लाती लड़कियों को
भीड़ के आगे चलती
आंदोलन करती लड़कियों को
जोर जोर आवाज़  देकर
उन्हें बुलाती लड़कियों को
सब देख वो कर लेती हैं बुंद
सब खिड़कियां
उन्हें सिखाया गया है
बस मुस्कुराना
धीमे-धीमे बोलना
सिर झुकाकर चलनाा
क्योंकि…वे अच्छी लड़कियां हैं

स्रोतः सं. सुभाष चंद्र, देस हरियाणा (जनवरी-अप्रैल, 2018), पेज- 80