यह मतदाताओं को रिश्वत तो नहीं ? – #Desharyana_Counter_Fake_News

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भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार सहिंता के अनुसार किसी मतदाता को मतदान करने के पक्ष में रिश्वत देना, डराना, धमकाना, मदतान केंद्र तक ले जाने के लिए वाहन आदि का प्रयोग करना अपराध है।

पहली बार मतदान करने वाले युवकों को रिझाने के हथकंडे

क्या यह मतदाताओं को रिश्वत तो नहीं ?

लोकतंत्र का महापर्व कहे जाने वाले लोकसभा के चुनाव घोषित हो चुके हैं। तमाम राजनीतिक पार्टियां वोटरों को रिझाने के लिए अपने-अपने हथकंडे अपना रही हैं। तमाम पार्टियों की निगाहें उन मतदाताओं पर भी विशेष रूप से लगी हुई हैं जो पहली बार मतदान करेंगे यानी जिन की उम्र पिछले लोकसभा चुनावों के बाद 18 वर्ष हुई है। ऐसे मतदाताओं की संख्या भारत में 13 करोड़ से ज्यादा हैं वहीं 18 से 23 वर्ष के कुल मतदाता 28 करोड़ से ज्यादा हैं।

ऐसे नए मतदाताओं को रिझाने के अन्य हथकंडों सहित सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने नया ही तरीका ढ़ुंड निकाला है। इस को रिश्वत कहें, घूस कहें, प्रलोभन कहें, लालच कहें यह समझ से परे हैं। भाजपा द्वारा जनवरी 2019 में https://myfirstvoteformodi.com यह वेबसाइट लांच की और इसके साथ ही इसका फेसबुक पेज लांच किया गया। इसका © Copyright 2019 Bhartiya Janta Party के नाम है। फेसबुक पेज का नाम भी My First Vote For Modi ही है। इस पेज को 6 हजार से ज्यादा लोग पसंद करते हैं और 7,293 लोग फ़ॉलो करते हैं।

इसने मार्च में मोदी के समर्थन में राजनीतिक प्रचार अभियान चलना शुरु किया जिसमें वह मतदाताओं को यह लालच दे रहे हैं

वह उनकी वेबसाइट पर जाकर, प्रधानमंत्री मोदी को वोट देने की शपथ लें, और विशेष उपहार जीतें। इस में वह टीशर्ट, बैग से लेकर मोदी के साथ चाय पिलाने तक का लालच दे रहे हैं।

यह एक नमूना

बेहतर भारत के लिए अपना वोट पीएम मोदी को देने की शपथ लें और जीतें आकर्षक उपहार यह विज्ञापन 13 मार्च को चलाया गया था। यह हमारे सामने पोस्ट के रूप में आता है लेकिन जब उनके फेसबुक पेज की पड़ताल की गई तो पता चला की बीजेपी के लिए यह विज्ञापन A, Pandit Deen Dayal Upadhyaya Marg, Near ITO, Minto Bridge Colony, Barakhamba, New Delhi 110002 से दिए जा रहे हैं।

इतनी ही नहीं कुछ विज्ञापन इस पेज से खुद फेसबुक द्वारा हटाया दिए गए क्योंकि यह विज्ञापन फेसबुक के नियमों के विरुद्ध थे। या कहें कि उनको फेक या आपत्तिजनक लगे।

फेसबुक द्वारा हटाया गया विज्ञापन

इस पेज द्वारा दिखाए जा रहे विज्ञापनों की संख्या तीन दिन में 1900 से ज्यादा है जिसको करीब 2 लाख के करीब लोग देख चुके हैं।

 

हमने पाया है कि यह राजनीतिक पार्टी का पेज है और एकतरफा जानकारियां प्रदान करते हैं।

इसकी सूचनाएं पार्टी के नजरिये से प्रदान की गई हैं।

इसके विज्ञापनों के लिए पार्टी इसके लिए पैसे खर्च करती है।

यह स्वतंत्र समाचार पत्र या वेबसाइट नहीं है।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार सहिंता के अनुसार किसी मतदाता को मतदान करने के पक्ष में रिश्वत देना, डराना, धमकाना, मदतान केंद्र तक ले जाने के लिए वाहन आदि का प्रयोग करना अपराध है।

 

अगर आप को किसी राजनीतिक विज्ञापन का स्रोत जानना हो तो। #Desharyana_Counter_Fake_News  अभियान के तहत हमें सूचना दें। desharyana@gmail.com

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