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13 अगस्त, 2018 को  दिल्ली से वाघा बार्डर तक चल रही अमन दोस्ती यात्रा का पीपली (कुरुक्षेत्र) स्थित पैराकीट में देस हरियाणा द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में भारत-पाक दोस्ती के लिए आयोजित की जा रही यात्रा में 40 सामाजिक कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं। 12 अगस्त से शुरू हुई यह यात्रा वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर, डाॅ मोहिनी गिरी, योजना आयोग की पूर्व सदस्या डाॅ सईदा हमीद, रमेश चन्द्र शर्मा, वीणा बहन, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जयवंती श्योकंद व राममोहन राय के नेतृत्व में 14अगस्त की शाम को वाघा बार्डर पहुंचेगी और मोमबत्तियां जलाकर अपने सांझा क्रांतिवीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।  पीपली के पैराकीट में अमन-दोस्ती यात्रा का स्वागत करते हुए देस हरियाणा के संपादक डाॅ सुभाष चन्द्र ने कहा कि यात्रा दोनों देशों के अमनपसंद लोगों की भावनाओं को आगे पहुंचा रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नफरत की बजाय यह यात्रा लोगों को भाईचारे और अमन का संदेश देगी। सत्ताधारी लोग धर्म व जाति के नाम पर लोगों को बांटने की साजिशें करते हैं, लेकिन जनता की भावनाएं भाईचारे व एकता से रहने की हैं। उन्होंने आशा जताई कि दोनों देशों की जनता की तरफ से अमन की कोशिशें तेज होंगी और साम्राज्यवादी व सत्तापिपासु शक्तियों द्वारा निर्मित कृत्रिम सरहद अवश्य मिटेगी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा बाबा फरीद, कलदंर, बुल्लेशाह, गुरू नानक देव, कबीर, रैदास की सांझी विरासत व परंपराओं को स्थापित करेगी।
यात्रा संयोजक रवि नितेश ने फैज अहमद फैज की नज्म सुनाते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिवीरों व स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस आजादी का सपना देखा था, स्वतंत्रता के 72 सालों बाद भी वह सपना पूरा नहीं हुआ है। देश का विभाजन और दोनों देशों की सरकारों द्वारा साम्प्रदायिक आधार पर लोगों को बांटना देशभक्तों की आजादी की परिकल्पना के प्रतिकूल है। शांति, साम्प्रदायिक सदभाव और भाईचारे के बिना वह सपना पूरा नहीं होगा। कार्यक्रम के दौरान यात्रा में शामिल प्रवेश त्यागी के साथ ओमप्रकाश करुणेश, हरपाल गाफिल, राजीव सान्याल, वीरेन्द्र, अरुण कैहरबा, विकास साल्याण, रेमन, कृष्ण, रोहित, राहुल, सुनील थुआ, देवदत्त, बलदेव सिंह महरोक, विपुला, गुंजन कैहरबा, महिन्द्र खेडा, उधम सिंह, मान सिंह, देवेन्द्र सिंह, सबरेज अहमद, जसविन्द्र, नरेश दहिया, प्रदीप स्वामी  सहित अनेक गणमान्य नागरिकों एवं रचनाकारों ने भाईचारे के गीत गाए और गोली नहीं बोली चाहिए, जंग नहीं अमन चाहिए, युद्ध नहीं बुद्ध चाहिए के नारों से अपनी भावनाएं व्यक्त की।
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पीपली स्थित पैराकीट में दिल्ली से बाघा बार्डर जा रही अमन-दोस्ती यात्रा में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं का स्वागत करती टीम देस हरियाणा।

Kurukshetra, August 13

The Aman Dosti Yatra from Delhi to Wagah Border was warm welcomed by Des Haryana at Parakeet situated in Pipli. 40 social workers are participating in a journey being organized for Indo-Pak friendship in celebration of Independence Day. Starting on August 12, the trip will be organized by senior journalist Kuldip Nayar, Dr. Mohini Giri, former member of the Planning Commission, Dr. Syeda Hamid, Ramesh Chandra Sharma, Sister Veena, senior administrative officer Jayawanti Sheyakand and Ram Mohan Roy on the evening of August 14.

Wagah will reach the Border and burn candles and pay tribute to their fellow revolutionaries. Welcoming the Aman-Dosti Yatra in Parakeet of Pipli, Dr. Subhash Chandra, Editor of Des Haryana said that the visit is representing the feelings of the people of both the countries. He hoped this journey will give people a message of brotherhood and peace. The ruling class conspiracy to divide people in the name of religion and caste, but  the people are wants to live with brotherhood and unity. He said that this visit will establish the composite cultural heritage and traditions of Baba Farid, Kalandar, Bulleshah, Guru Nanak Dev, Kabir, Raidas.

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coordinator of the Aman Yatra Ravi Nitesh narrating the Faiz Ahmed Ahmad Faiz, he said that even after 72 years of independence dreams of  freedom fighters has not been fulfilled. Contrary to the concept of freedom of the patriot the governments of both countries divide  people on communal basis. Dream of freedom fighters can Only achieve through Peace, Communal Harmony and Brotherhood.

Om prakash Karunesh, Harpal Ghafil, Rajiv Sanyal, Virendra, Arun Kehrba, Vikas Salyan, Ramon, Krishna, Rohit, Rahul, Sunil Thua, Devadatta, Baldev Singh Mehrok, Vipula, Gunjan Kehrba, Mahindra Many dignitaries and writers including mohender Kheda, Udham Singh, Man Singh, Devendra Singh, Saberaz Ahmed, Jasvindra, Naresh Dahiya, Pradeep Swami express emotions through the slogans of peace and harmony like ‘Jung nahin Aman Chahiye’, ‘Yudh nahin Budh Chahiye’, Goli nahin Boli Chahiye.

Photo caption: Team des Haryana welcomed the social workers involved in Aman-Dosti tour going to Bagha Border from Delhi in Parakeet located in Pipli.

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