रिसाल जांगड़ा

 

परिचय
रचनाएं

बाळक हो गए स्याणे घर मैं

जिम्मेदारी दुखी करै सै

बखत पड़े पै रोवै कौण

जिनके दिल मैं भरग्ये खटके

 

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