placeholder

हिंदी-साहित्य के इतिहास पर पुनर्विचार – नामवर सिंह

इतिहास लिखने की ओर कोई जाति तभी प्रवृत्त होती है जब उसका ध्‍यान अपने इतिहास के निर्माण की ओर जाता है। यह बात साहित्‍य के बारे में उतनी ही सच है जितनी जीवन के।