placeholder

अमीर खुसरो: हिंदुस्तान की साझी संस्कृति, साझी विरासत – सोफिया खातून

अमीर खुसरो किसी विशेष धर्म-संस्कृति संबंधित न होकर हिंदुस्तान की साझी-संस्कृति, साझी विरासत के प्रतीक हैं। वर्तमान समय में जबकि धार्मिक वैमनस्य चरम पर है तथा अपनी-अपनी धर्म-संस्कृति को लेकर छोटे-छोटे प्रसंगों में तनाव एवं अराजकता की स्थिति बन जाती है, वहाँ उनके जीवन-चरित्र एवं साहित्य से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। गंगा-जमुनी तहजीब हिन्दुस्तान की परंपरा एवं पहचान है और अमीर खुसरो इस गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक हैं।

मैं हिन्दू, मेरा देश हिंदुस्तान पर यह हिन्दू राष्ट्र न बने – राजेंद्र चौधरी

असली लड़ाई सब के लिए शांति, सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और न्याय की है. रोज़गार की है, सरकारी नौकरी की नहीं अपितु गरिमामय एवं सुरक्षित रोज़गार एवं व्यवसाय की है. और शायद अब तो सब से बड़ी लड़ाई साफ़ हवा और पानी की है. पर हिन्दू राष्ट्र जैसे मुद्दे हमें इन मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित ही नहीं करने देते. कभी मंदिर, कभी घरवापसी, कभी लव ज़िहाद इत्यादि मुद्दों पर ही हमारा ध्यान लगा रहता है.