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सामंती व्यवस्था से टकराता साहित्यकार – बी. मदन मोहन

तीसरे हरियाणा सृजन उत्सव के दौरान 9 फरवरी 2019 को ‘लेखक से संवाद’ सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें हिमाचल के प्रख्यात साहित्यकार एस.आर. हरनोट के साथ श्रोताओं ने संवाद करना था, लेकिन स्वास्थ्य के चलते वे पहुंच नहीं पाए। एम एल एन कालेज, यमुनानगर में हिंदी के एसोसिएट प्रोफेसर बी.मदनमोहन ने उनकी रचनाओं से परिचित करवाया और उनकी रचनाओं के सामाजिक सरोकारों व सौंदर्य-शिल्प पर चर्चा की। प्रस्तुत है विकास साल्याण की रिपोर्ट –

उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है

धर्म के क्षेत्र में भक्ति आत्मा की मुक्ति और मोक्ष का मार्ग हो सकता है , लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में भक्ति या नायक पूजा पतन और तानाशाही का मार्ग होता है।उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है। हम उत्पीड़न की जब हम बात करते हैं तो हम घटनाओं की बातकरते है तो उसकी जड़की और विमर्श की बात नहीं करते।

नयी सुबह तक

Post Views: 169 कुरुक्षेत्र, 10 मार्च देस हरियाणा द्वारा स्थानीय महात्मा ज्योतिबा फुले सावित्रीबाई फुले पुस्तकालय में देश की पहली शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में सेवानिवृत्त आईएएस…

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हरियाणा सृजन उत्सव 2019, कार्यक्रम

Post Views: 351 तीसरे हरियाणा सृजन उत्सव  का आगाज हो चुका है। हर वर्ष यह कार्यक्रम फरवरी के महीने में कुरूक्षेत्र में आयोजित किया जाता है। यह एक साहित्यिक-सांस्कृतिक और समाजिक…

ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन

Post Views: 31 विकास साल्याण  (देस हरियाणा फ़िल्म सोसाइटी के तत्वावधान में डा. ओमप्रकाश ग्रेवाल अध्ययन संस्थान, कुरुक्षेत्र में 2 सितंबर 2018 को पर्यावरण संकट पर केन्द्रित फ़िल्म ‘कार्बन’ की…

अलीगढ़ : समलैंगिकता पर विमर्श -विकास साल्याण

Post Views: 241 समलैंगिकता को अलग-अलग दृष्टि से देखा जाता है कुछ समलैंगिकता को मानसिक बीमारी मानते हैं। कुछ इसे परिस्थितियों के कारण उत्पन्न आदत मानते हैं तो कुछ एक…

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दायरा’ संकीर्ण सामाजिक दायरों पर प्रहार -विकास साल्याण

Post Views: 141 सिनेमा-चर्चा रोहतक के फि़ल्म एवम् टेलीविजन संस्थान के छात्रों द्वारा बनाई गई ‘दायरा’ फि़ल्म हरियाणवी सिनेमा को नई दिशा की ओर ले जा रही है। इस फिल्म…

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हरियाणा: खेलों में उपलब्धियां – -विकास साल्याण

हरियाणा प्रांत के खिलाड़ी दुनिया भर में भारतवर्ष का डंका बजा रहे हैं। नवम्बर 1966 को हरियाणा प्रदेश भारत के सत्रहवें राज्य के रूप में मानचित्र पर आया था। पहले से ही सामाजिक पर्वों, उत्सवों व मेलों के अवसरों पर ताकत आजमाने वाले खेलों जैसे कबड्डी, कुश्ती और रस्साकसी आदि खेलों के आयोजन की परम्परा रही है। विश्व स्तर की खेल स्पर्धाओं जैसे एशियाड़, राष्ट्रमंडल तथा ओलम्पिक की खेल प्रतियोगिताओं में भारत के द्वारा जीते गए कुल पदकों में अकेले हरियाणा प्रांत के खिलाड़ियों द्वारा लगभग 35 प्रतिशत पदकों को प्राप्त किया है, जिसमें ताकत के खेल माने जाने वाले कुश्ती, कबड्डी और मुक्केबाजी में सर्वाधिक पदक अर्जित किए हैं।

हरियाणा के दर्शकों की अभिरूचियां

हरियाणा सृजन उत्सव में  24 फरवरी 2018 को ‘हरियाणा के दर्शकों की अभिरूचियाँ’ विषय पर परिचर्चा हुई जिसमें फ़िल्म अभिनेता व रंगकर्मी यशपाल शर्मा, सीनियर आईएएस वीएस कुंडू, और गौरव आश्री ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इस परिचर्चा का संचालन  किया संस्कृतिकर्मी प्रो. रमणीक मोहन ने। प्रस्तुत हैं परिचर्चा के मुख्य अंश – सं.