placeholder

दुनिया जीण कोनी दींदी

Post Views: 71  हरियाणवी लोक कथा एक बर एक जवान आपणी घरआळी नैं लेण गया। सवारी खातर उसनैं घोड़ी ले ली। वापसी म्हं दोनों घोड़ी पै सवार होकै चाल पड़े।…

placeholder

सुधीर शर्मा – मेरा नौकर वर ढुंढवाइए मेरी मां

Post Views: 100 हरियाणवी नृत्य गीत मेरा नौकर वर ढुंढवाइए मेरी मां विवाह योग्य होने पर परम्परागत समाज में अपना पति पसंद करने वाली युवतियों की भूमिका नहीं होती। पर…

placeholder

बाळक हो गए स्याणे घर मैं-रिसाल जांगड़ा

Post Views: 68 हरियाणवी ग़ज़ल बाळक हो गए स्याणे घर मैं। झगड़े नवे पुराणे घर मैं। आए नवे जमाने घर मैं। ख्याल लगे टकराणे घर मैं। मैं जिन तईं समझाया…

placeholder

कौआ और चिड़िया

Post Views: 174 लोक कथा                 एक चिड़िया थी अर एक था कौआ। वै दोनों प्यार प्रेम तै रह्या करै थे। एक दिन कौआ चिड़िया तै कहण लाग्या अक् चिड़िया…

placeholder

झोटा अर शेर

Post Views: 209 लोक कथा एक आदमी कैदो मैंस थी। उसका छोरा उननै चराण जाया करदा। दोनू मैंस ब्यागी। एक नै दिया काटड़ा अर दूसरी नै दी काटड़ी। वो काटड़ा…

placeholder

ऊधम सिंह नै सोच समझ कै – रणबीर सिंह दहिया

Post Views: 62 रागनी ऊधम सिंह नै सोच समझ कै करी लन्दन की जाने की तैयारी।। राम मुहम्मद नाम धरया और पास पोर्ट लिया सरकारी।। किस तरियां जालिम डायर थ्यावै…

placeholder

धांय धांय धांय होई उड़ै(शहीद उधम सिंह) – रणबीर सिंह दहिया

Post Views: 82 रागनी धांय धांय धांय होई उड़ै दनादन गोली चाली थी। कांपग्या क्रैक्सटन हाल सब दरवाजे खिड़की हाली थी।। पहली दो गोली दागी उस डायर की छाती के…

placeholder

होळी म्ह – भूप सिंह भारती

Post Views: 19 हरियाणवी कविता आया फागण लागे नाचण, भरकै मस्ती का घूट होळी म्ह। नार गजबण चढ्या जोबण, सबनै करै शूट होळी म्ह।। बणाकै डान्डा बीच बगड़ म्ह, रोप्या…

गादड़ का चौंतरा – लोक कथा

Post Views: 73 हरियाणवी लोक कथा एक गादड़ था, वो अपणा चौंतरा बणा कै, लीप-पोत कै, साफ-सुथरा राख्या करता। वो अपणा रोब भोत राख्या करता। वो न्यू जाणता के सारा…

placeholder

लोक कथा – बाम्हण अर बाणिया

Post Views: 210 लोक कथा बाम्हण अर बाणिया एक बणिया घणा ऐ मूंजी था वा रोज गुवांडा मैं जाकै रोटी खाये करै था अर उसकै घरां किसी बात की कमी…