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 गहरे सामाजिक सरोकारों से जुड़े थे प्रोफेसर सूरजभान – नरेश कुमार

Post Views: 68 नरेश कुमार जाने-माने इतिहासकार, पुरातत्ववेता और समाज सुधारक प्रोफेसर सूरजभान 14 जुलाई 2010 को हमारे बीच से चले गए। प्रोफेसर सूरजभान का जन्म 1 मार्च 1931 को…

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हरियाणा में 1857 का राष्ट्रीय विद्रोह – प्रोफेसर सूरजभान

Post Views: 450  भारत में इस वर्ष 1857 के राष्ट्रीय विद्रोह की 150वीं सालगिरह मनाई जा रही है। इस विद्रोह को देसी और विदेशी इतिहासकारों ने अपनी – अपनी दृष्टियों…

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सुघः एक पुराने नगर की कहानी – प्रो. सूरजभान

सुघ का राज्य हिमालय की तलहटी में स्थित था। यह जमना नदी के दोनों तरफ फैला हुआ था। राजधानी जमना के पश्चिमी तट पर थी। उस समय सुघ में एक हजार बौद्ध साधु रहते थे, जो भिक्षु कहलाते थे। नगर में साधुओं के रहने के लिए पांच आश्रम थे। बुद्ध धर्म में इन्हें संघाराम कहते थे। यहां बौद्ध साधु पढ़ने-पढ़ाने का काम करते थे।

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अमर शहीद राव तुलाराम – सूरजभान

Post Views: 76 प्रो.  सूरजभान  पिछले एक दौर में अपनी विरासत के बारे में हमारी चेतना बहुत कमजोर पड़ी है। हम काफी हद तक अपने इतिहास के बेहतर पहलुओं को…