उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है

धर्म के क्षेत्र में भक्ति आत्मा की मुक्ति और मोक्ष का मार्ग हो सकता है , लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में भक्ति या नायक पूजा पतन और तानाशाही का मार्ग होता है।उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है। हम उत्पीड़न की जब हम बात करते हैं तो हम घटनाओं की बातकरते है तो उसकी जड़की और विमर्श की बात नहीं करते।

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11 अप्रैल जोतिबा फुले 14 अप्रैल बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की जंयति पर सभी पाठकों को बधाई

Post Views: 157 सत्यशोधक फाऊंडेशन के सहयोग से देस हरियाणा पत्रिका बाबा साहेब व जोतिबा फुले जी की जयंति पर अपने पाठकों को समर्पित करती है डा. भीमराव अम्बेडकर की…

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बाम्हनों के स्वार्थी ग्रंथों की चतुराई के बारे में

Post Views: 194 जोतिबा फुले यह          लेप की गरमी में अंगडाई ले सोवे। नींद कहां से आवे। आलसी को।। वह          ओस से भीगी खेत की मेंड पर। बैलों को…

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सावित्रीबाई फुले: आधुनिक भारत की प्रथम शिक्षिका

Post Views: 336 प्रमोद दीक्षित ‘मलय‘ .भारतवर्ष में 19वीं शताब्दी का उत्तरार्ध शैक्षिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आंदोलनों एवं समाज में व्याप्त अस्पृश्यता, बाल विवाह, सती प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या एवं…

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सावित्री बाई फुले याद यो, कररया हिन्दुस्तान तनै

Post Views: 167 मुकेश यादव प्रथम शिक्षिका होणे का, देें गौरव-सम्मान तनै सावित्री बाई फुले याद यो, कररया हिन्दुस्तान तनै ज्योतिबा तै पढ़कै नै, मन म्हं यो अहसास हुया पीड़िता…

सावित्रीबाई फुले जयंती पर काव्य-गोष्ठी

Post Views: 57 रिपोर्ट कुरुक्षेत्र स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले सावित्री बाई फुले पुस्तकालय एवं शोधकेन्द्र में 3 जनवरी 2018 को देस हरियाणा द्वारा भारत की पहली शिक्षिका एवं समाज सुधारक…