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अवधू दोनों दीन कसाई – कबीर

Post Views: 128 साखी – कटू बचन कबीर के, सुनत आग लग जाय। शीलवंत1 तो मगन भया, अज्ञानी जल जाय।।टेक अवधू दोनों दीन कसाई। चरण – हिन्दू बकरा मिण्डा मारे,…

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साधौ पांडे निपुन  कसाई – कबीर

Post Views: 195 साखी – एकै त्वचा हाड़ मूल मूत्रा, एक रुधिर एक गूदा। एक बूंद से सृष्टि रची है, को ब्राह्मण को शुद्रा।।टेक साधौ, पांडे निपुन कसाई। चरण –…

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सांचि कहौं तो मारन धावै – डा. सुभाष चंद्र

Post Views: 86 आलेख कबीर दास मध्यकालीन भारत के प्रसिद्घ संत हैं, जिन्होंने अपनी रचनाओं में हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रयास किया तथा ब्राह्मणवादी धार्मिक आडम्बरों की आलोचना की। इनकी प्रसिद्घ…

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देख कबिरा रोया…डा. सुभाष चंद्र

Post Views: 20 सुखिया सब संसार है, खावै और सोवै दुखिया दास कबीर है जागै और रोवै कबीर ने झूठ के घटाटोप को भेदकर सच्चाई को पा लिया था, इसलिए…