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आज सार्यां नै सस्पैंड करकै जान्दा

एक बै की बात सै-एक स्कूल के बारणै आग्गै कार रूकी और उसमें तै एक पढ्या-लिखा सा आदमी उतर कै उसे कमरे में जा बड्या जित बालक घणां शोर कर…

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महादे-पारवती

लोक कथा एक बर की बात सै। पारबती महादे तैं बोल्ली – महाराज, धरती पै लोग्गाँ का क्यूकर गुजारा हो रह्या सै? मनै दिखा कै ल्याओ। महादे बोल्ले- पारबती, इन…

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दुनिया जीण कोनी दींदी

 हरियाणवी लोक कथा एक बर एक जवान आपणी घरआळी नैं लेण गया। सवारी खातर उसनैं घोड़ी ले ली। वापसी म्हं दोनों घोड़ी पै सवार होकै चाल पड़े। रास्ते म्हं एक…

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कौआ और चिड़िया

लोक कथा                 एक चिड़िया थी अर एक था कौआ। वै दोनों प्यार प्रेम तै रह्या करै थे। एक दिन कौआ चिड़िया तै कहण लाग्या अक् चिड़िया हम दोनों दाणे-दाणे…

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झोटा अर शेर

लोक कथा एक आदमी कैदो मैंस थी। उसका छोरा उननै चराण जाया करदा। दोनू मैंस ब्यागी। एक नै दिया काटड़ा अर दूसरी नै दी काटड़ी। वो काटड़ा घणा ऊत था।…

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गादड़ का चौंतरा – लोक कथा

हरियाणवी लोक कथा एक गादड़ था, वो अपणा चौंतरा बणा कै, लीप-पोत कै, साफ-सुथरा राख्या करता। वो अपणा रोब भोत राख्या करता। वो न्यू जाणता के सारा जंगल तेरा कह्या…

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लोक कथा – बाम्हण अर बाणिया

लोक कथा बाम्हण अर बाणिया एक बणिया घणा ऐ मूंजी था वा रोज गुवांडा मैं जाकै रोटी खाये करै था अर उसकै घरां किसी बात की कमी नी थी। सारे…