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आपणे की चोट

Post Views: 285  राजकिशन नैन (राजकिशन नैन हरियाणवी संस्कृति के ज्ञाता हैं और बेजोड़ छायाकार हैं। साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में उनके चित्र प्रकाशित होते रहे हैं।) एक सुनार था। उसकी दुकान…

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जीजा कई दिन हो लिए तां जांदा नी

Post Views: 164 एक बै रमलू बहु नै लेण चल्या गया। जब सासु अपणी छोरी ने घालण तै नाट ग्यी तो ओ पांच-सात दिन ओड़ै डटग्या सुसराड़ में। एक दिन…

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तूं किमे न किमे जरूर बदलेगा

Post Views: 205 एक बै एक आदमी ने बस खरीद ली अर चलाण खात्तिर एक ड्राईवर राख लिया। ओ मालिक था घणाए बेईमान, सारी हाठा न्यूं सोचदा अक् कड़े यू…

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ऊकडूं बैठणा अर फूंक मारणा ए घरेलू सै

Post Views: 162 एक देहाती शहर के डाक्टर धोरै जाकै बोल्या-डाक्टर साब, मेरै खांसी जुकाम होर्या सै कोए देशी घरेलू सा नुक्सा बताओ नै। डाक्टर बोल्या-1 किलो चीनी, 50 ग्राम…

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लेके रहेंगे-लेके रहेगे

Post Views: 297 एक बै जागरूक माच्छरां नै मिलकै एक सभा बुलाई-उनका नेता बोल्या-भाईयो! ‘हमारे साथ बड़ी बेइन्साफी हो रही है-जुल्म ढाए जा रहे हैं। देखो-साबुन के लिए साबुणदानी, मसालों…

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जुत्ती हाथां म्हें ठार्या सूं

Post Views: 131   एक छिकमा एं कंजूस दुकानदार था। उसकी देखमदेख छोरा उसतै भी घणा मंजी होग्या। एक दिन दुकानदार सांझ नै आण की क्है कै शहर चला गया।…