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बाॅडी साॅडी बणा लई तनै यो किसा ढिठोरा सै- विक्रम राही

Post Views: 158 विक्रम राही बाॅडी साॅडी बणा लई तनै यो किसा ढिठोरा सै असल बात तै लाख दूर किस ढाल का छोरा सै जोंगा जीप ट्रैक्टर डीजे बणा लिया…

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कुर्सी के रोले नै देखो किस ढाल का काम करया- विक्रम राही

Post Views: 189 विक्रम राही कुर्सी के रोले नै देखो किस ढाल का काम करया माणस माणस भिडा दिए कैसा यो इंतजाम करया भाई नै भाई की चाहन्ना यो धर्म…

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मेवाती लोक गीत -मां मेरा पीसणों, कितनो पीसो री

Post Views: 354 मेवाती लोक गीत मां मेरा पीसणों, कितनो पीसो री। जितनी दगड़ा में रेत, जणी सू कहियो री। इतनो गूंदो री, जितनी पोखर में कीच। जणी सू कहियो…

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मेवाती लोक गीत – हुकम करो तो मईयां आऊं तेेरे र भवन में

Post Views: 181 मेवाती लोक गीत हुकम करो तो मईयां आऊं तेेरे र भवन में। गइया को दूध हमारे बछड़ा ने बिगाड़ो। कांई की धार चढ़ाऊ, मईया तेरे र भवन…

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हरियाणा में रागनी की परम्परा और जनवादी रागनी की शुरुआत – डा. ओमप्रकाश ग्रेवाल

रागनी की असली जान, ठेठ लोकभाषा के मुहावरों में सीधी-सादी लय अपनाने में और ऐसे मर्म-स्पर्शी कथा प्रसंगों के चुनाव में होती हैं ” जो लोगों के मन में रच-बस गये हों। इन सबके सहारे ही रागनी लोगों की भावनाओं को, उनकी पीड़ाओं तथा दबी हुई अभिलाषाओं को सुगम और सरल ढंग से प्रस्तुत करने में सफल होती हैं।

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मेवाती लोक गीत – मैं तो चिड़िया-सी उड़ जाऊंगी मेरा बाबल

Post Views: 218 मेवाती लोक गीत मैं तो चिड़िया-सी उड़ जाऊंगी मेरा बाबल। मैं तो तीन दिना भारी मेरा बाबल। मोसू हड़क-बड़क मत बोले मेरा बाबल मैं तो चिड़िया सी…

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हरियाणा का हाल

Post Views: 153 अरुण कुमार कैहरबा हरि के हरियाले प्रदेश हरियाणा का हाल सुणो, खरी-खरी कड़वी-सी बात और चुभते हुए सवाल सुणो। दूध-दही के खाणे वाला मीठा-मीठा गीत कहां सै,…

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मैं टोहूं वो हरियाणा जित दूध-दही का खाणा है- मंगत राम शास्त्री

Post Views: 178 मंगत राम शास्त्री देशां में सुण्या देश अनोखा वीर देश हरियाणा है। मैं टोहूं वो हरियाणा जित दूध-दही का खाणा है।। था हरियाणा हिन्दू-मुस्लिम मेलजोल की कहाणी…

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आंगण बीच कूई राजा (लोकगीत)

Post Views: 318 आंगण बीच कूई राजा डूब क: मरूंगी तू मत डरिए मैं तो औरां न: डराऊंगी जेठ लड़ैगा पाछा फेर क: लडूंगी आजा री जिठानी तेरे धान से…