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भूल गई रंग चाव, ए भूल गई जकड़ी – राजेंद्र सिंह

Post Views: 95 राजेन्द्र सिंह आज के इस युग में जब स्वयं हाशिए पर चले गए हिन्दी साहित्य में भी प्रकाशन का अर्थ सिर्फ  कहानियों, कविताओं या कुछ हद तक…

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हरियाणे की संस्कृति का कर दिया भट्ठा गोळ भाई -जगदीप सिंह

Post Views: 33 जगदीप  रागनी इन गावणियां की बदमासी का आज पाटग्या तोल भाई हरियाणे की संस्कृति का कर दिया भट्ठा गोळ भाई सांग के म्हां सांग का भाई मनै…

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अंधविश्वास नाश की राही

Post Views: 171 रामेश्वर दास ‘गुप्त’ रागनी तर्क करूं अर सच जाणूं, ये रहणी चाहिए ख्यास मनै अंधविश्वास सै नाश की राही, बात बताणी खास मनै। भगत और भगवान बीच…

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 उल्टे खूंटे मतना गाडै मै त्यरै ब्याही आ रही सूं

Post Views: 86 रामकिशन राठी (रामकिशन राठी रोहतक में रहते हैं। कहानी लेखक हैं । हरियाणवी भाषा में भी निरतंर लेखन करते हैं और समाज के भूले-बिसरे व अनचिह्ने नायकों…

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सावित्री बाई फुले याद यो, कररया हिन्दुस्तान तनै

Post Views: 128 मुकेश यादव प्रथम शिक्षिका होणे का, देें गौरव-सम्मान तनै सावित्री बाई फुले याद यो, कररया हिन्दुस्तान तनै ज्योतिबा तै पढ़कै नै, मन म्हं यो अहसास हुया पीड़िता…

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अन्नदाता सुण मेरी बात – मंगत राम शास्त्री

Post Views: 34 मंगतराम शास्त्री अन्ऩदाता सुण मेरी बात तूं हांग्गा ला कै दे रुक्का। सारे जग का पेट भरै तूं फेर भी क्यूं रहज्या भुक्खा।। माट्टी गेल्यां माट्टी हो…

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बाॅडी साॅडी बणा लई तनै यो किसा ढिठोरा सै- विक्रम राही

Post Views: 28 विक्रम राही बाॅडी साॅडी बणा लई तनै यो किसा ढिठोरा सै असल बात तै लाख दूर किस ढाल का छोरा सै जोंगा जीप ट्रैक्टर डीजे बणा लिया…

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कुर्सी के रोले नै देखो किस ढाल का काम करया- विक्रम राही

Post Views: 40 विक्रम राही कुर्सी के रोले नै देखो किस ढाल का काम करया माणस माणस भिडा दिए कैसा यो इंतजाम करया भाई नै भाई की चाहन्ना यो धर्म…

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मेवाती लोक गीत -मां मेरा पीसणों, कितनो पीसो री

Post Views: 106 मेवाती लोक गीत मां मेरा पीसणों, कितनो पीसो री। जितनी दगड़ा में रेत, जणी सू कहियो री। इतनो गूंदो री, जितनी पोखर में कीच। जणी सू कहियो…