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ठीक आदमी चुन कै हिन्दुस्तान बचा लिये सखी

खान मनजीत भावडिया मजीद तौली हौले त्यार बूथ पर चालिए सखी, सै हक तेरा बोट जरूर डालिए सखी । पांच साल में एक दिन मुसकल तै पाया करै, समझदार माणस…

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करो वोट की चोट

जोरा सिंह साच कम और झूठ घणी मुश्किल करनी पहचान दिख्खै।। करो वोट की चोट जुणसा नेता बेईमान दिख्खै।। तेरा नाम लेकै नै गले मिलैंगे हां भरवाए बिन नहीं हिलैंगे…

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झूठ फरेब छल बेगैरत का ना कती सहारा चाहिए- विक्रम राही

विक्रम राही झूठ फरेब छल बेगैरत का ना कती सहारा चाहिए मनै प्यार प्रेम और भाईचारे तै मेल गुजारा चाहिए ढोंग रचाकै यारी ला लें पाप भरया हो नस नस…

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जड़ै दीखज्या ज़ुल्फ़ उड़ै ए रात करणीया कोन्या मैं – मनजीत भोला

मनजीत भोळा इश्क़-विश्क, प्यार-व्यार की बात करणीया कोन्या मैं जड़ै दीखज्या ज़ुल्फ़ उड़ै ए रात करणीया कोन्या मैं ना परचम ना कोए पार्टी ना लड़ता मैं निशानां पै कलमकार हूँ…

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सासड़ होल़ी खेल्लण जाऊंगी- मंगत राम शास्त्री

मंगतराम शास्त्री सासड़ होल़ी खेल्लण जाऊंगी, बेशक बदकार खड़े हों। री मनै पकड़ना चावैंगे, जाणूं सूं जाल़ बिछावैंगे ना उनकै काबू आऊंगी, कितनेए हुशियार खड़े हों। हेरी इसा कोरड़ा मारूंगी,…

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नया साल

रामधारी खटकड़ नया साल जै ऐसा आज्या , खुल कै खुशी मनाऊँ रै सब सुख तै जीवैं , मैं ऐसी दुनिया चाहूँ…(टेक) बेकारी ना हो किते , हर युवा को…

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लुटी ज्यब खेत्ती बाड़ी -सत्यवीर ‘नाहडिय़ा’

सत्यवीर ‘नाहडिय़ा’ रागनी 1 माट्टी म्हं माट्टी हुवै, जमींदार हालात। करजा ले निपटांवता, ब्याह्-छूछक अर भात। ब्याह्-छूछक अर भात, रात-दिन घणा कमावै। मांह् -पौह् की बी रात, खेत म्हं खड़ा…