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किसान की मुसीबत नैं जाणै सै किसान – धनपत सिंह

Post Views: 263 किसान की मुसीबत नैं जाणै सै किसानलूट-खसोट मचावणियां तूं के जाणै बेईमान माह, पोह के पाळे म्हं भी लाणा पाणी होदिन रात रहे जा बंध पै कस्सी…

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वा राजा की राजकुमारी मैं सिर्फ लंगोटे आळा सूं – पं. मांगेराम

Post Views: 293 वा राजा की राजकुमारी मैं सिर्फ लंगोटे आळा सूंभांग रगड़ कै पीवणियां मैं कुण्डी सोट्टे आळा सूं उसकी सौ सौ टहल करैं आड़ै एक भी दासी दास…

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घाणी फोड़ रही थी जोट न्यूं आपस में बतलाई – मंगतराम शास्त्री

Post Views: 139 (प्रचलित तर्ज- होळी खेल रहे नन्दलाल…)घाणी फोड़ रही थी जोट न्यूं आपस में बतलाईहम रहां माट्टी संग माट्टी, म्हारी जड़ चिन्ता नै चाट्टीपाट्टी पड़ी खेस की गोठ,…

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भीतरला हो साफ मणस का चाहे रंग बेशक तै काला हो – विक्रम राही

Post Views: 659 भीतरला हो साफ मणस का चाहे रंग बेशक तै काला हो हो रंग भी काला दिल भी काला उसका के उपराला हो भूरा हो जै देखण मैं…

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बेटी गैल्यां धोखा होग्या इब के कह दयूं सरकार तनै- विक्रम राही

Post Views: 263 बेटी गैल्यां धोखा होग्या इब के कह दयूं सरकार तनै जै गर्भ बीच तै बचा लई तो आग्गे फेर दई मार तनै लिंगानुपात सुधर गया इसका कारण…

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झूठ कै पांव नहीं होते- मंगत राम शास्त्री

Post Views: 294 मंगतराम शास्त्री झूठ कै पांव नहीं होते सदा जीत ना होया करै छल कपट झूठ बेईमाने की एक न एक दिन सच्चाई बणती पतवार जमाने की झूठ…

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साथ चांदडे माणस का दिया होया तंग करज्यागा- विक्रम राही

Post Views: 617 विक्रम राही साथ चांदडे माणस का दिया होया तंग करज्यागा जीण जोग भी खामैखा तो बिन आई मैं मरज्यागा चतुर चलाक बेशर्म आदमी सदा मीट्ठे चोपे लावैगा…

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छब्बीस जनवरी आले पर ना बात होवै सविंधान की- विक्रम राही

Post Views: 204 विक्रम राही छब्बीस जनवरी आले पर ना बात होवै सविंधान की टैंक तोप झांकी भाषण तै खुश जनता हिन्दूस्तान की । सविंधान सभा नै लिखया म्हारा संविधान…