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किसान की कराहट – चौधरी छोटू राम

Post Views: 149 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह ऐ मालिक दो जहान! सब्बुआलमीन! मेरे खलीक। मेरे मौला! हे परमात्मा परमेश्वर, सृष्टि के सृजनहार, सर्वशक्तिमान! हे वाहेगुरु! मैंने वह कौन-सा पाप-गुनाह…

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किसान का दुखड़ा – चौधरी छोटू राम

Post Views: 150 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह जमींदार अपने धंधे से, अपने विचारों से, अपने काम से, अपने व्यवहार से और अपने स्वभाव से भोलेपन की तस्वीर है। परन्तु…

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जिन्दगी का मरकज – चौधरी छोटू राम

Post Views: 117 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह आज का मजमून इस सिलसिले का नौवां और अंतिम लेख होगा। यदि इस सिलसिले से जमींदार वर्ग अथवा किसानों में कोई स्थाई…

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शहरियों के मनचले – चौधरी छोटू राम

Post Views: 115 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह अब तक मैंने अपने मन में भाते विषयों पर जो कुछ निवेदन किया है इससे पाठकों ने भली-भांति समझ लिया होगा कि…

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टैक्सों का बोझ – चौधरी छोटू राम

Post Views: 93 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह किसान बड़ा मंदा भाग्य लिखवाकर पैदा हुआ है। दुनिया की जितनी अच्छी चीजें हैं, वे सब इससे दूर भागती हैं। जितनी बुरी…

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राम लगती बात – चौधरी छोटू राम

Post Views: 94 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह किसान कहता है कि मैं सरकार की रईयत हूं। मुझे सरकार को टैक्स देने में कोई आपत्ति नहीं। मेरे हिस्से का जो…

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बोलना सीख – चौधरी छोटू राम

Post Views: 141 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह जब मैंने यह सिलसिला शुरू किया तो इसको चारों ही लेखों पर समाप्त करने का इरादा था, लेकिन मुझे विश्वास दिलाया गया…

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साहूकार का फंदा – चौधरी छोटू राम

Post Views: 126 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह बादल आया। वर्षा होने की संभावना हुई। किसान ने कस्सी कंधे पर रखी और खेत की राह ली। समझता है कि अगर…

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कागजी हकूमत – चौधरी छोटू राम

Post Views: 116 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह जी चाहता है कि शिमला की ऊंची पहाड़ियों पर रहने वाले सरकारी अफसरों को और लाहौर की ठंडी सड़क और सुंदर पार्कों…

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ललकार – चौधरी छोटू राम

Post Views: 143 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह वर्तमान युग तरक्की का युग है, विज्ञान का युग है, ज्ञान और हुनर का युग है, भाषण और लिखाई का युग है,…