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खूए हरकत या खूए सकून (रजोगुण  या तमोगुण) – चौधरी छोटू राम

Post Views: 538 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह ऐ जमींदार! तेरी खातिर मैंने सारी दुनिया से जंग मोल ले रखी है। तेरे लिए ही जमाने भर को नाराज कर लिया…

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किसान को नई मनोवृत्ति की आवश्यकता – चौधरी छोटू राम

Post Views: 436 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह पाठक, शायद शिकायत करेंगे कि मैं एक ही विषय की ओर बार-बार और रोज-रोज झुकता हूं। जमींदार की मुसीबत, जमींदार की टूटी-फूटी…

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नया उपदेश – चौधरी छोटू राम

Post Views: 381 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह इन्सान आदत का गुलाम है और अपने समय में प्रचलित विचारों का पुजारी है। कुछ जमाने की मुसीबतों से, कुछ आसपास के…

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किसान की कराहट – चौधरी छोटू राम

Post Views: 560 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह ऐ मालिक दो जहान! सब्बुआलमीन! मेरे खलीक। मेरे मौला! हे परमात्मा परमेश्वर, सृष्टि के सृजनहार, सर्वशक्तिमान! हे वाहेगुरु! मैंने वह कौन-सा पाप-गुनाह…

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किसान का दुखड़ा – चौधरी छोटू राम

Post Views: 536 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह जमींदार अपने धंधे से, अपने विचारों से, अपने काम से, अपने व्यवहार से और अपने स्वभाव से भोलेपन की तस्वीर है। परन्तु…

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जिन्दगी का मरकज – चौधरी छोटू राम

Post Views: 385 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह आज का मजमून इस सिलसिले का नौवां और अंतिम लेख होगा। यदि इस सिलसिले से जमींदार वर्ग अथवा किसानों में कोई स्थाई…

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शहरियों के मनचले – चौधरी छोटू राम

Post Views: 402 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह अब तक मैंने अपने मन में भाते विषयों पर जो कुछ निवेदन किया है इससे पाठकों ने भली-भांति समझ लिया होगा कि…

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टैक्सों का बोझ – चौधरी छोटू राम

Post Views: 341 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह किसान बड़ा मंदा भाग्य लिखवाकर पैदा हुआ है। दुनिया की जितनी अच्छी चीजें हैं, वे सब इससे दूर भागती हैं। जितनी बुरी…

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राम लगती बात – चौधरी छोटू राम

Post Views: 410 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह किसान कहता है कि मैं सरकार की रईयत हूं। मुझे सरकार को टैक्स देने में कोई आपत्ति नहीं। मेरे हिस्से का जो…

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बोलना सीख – चौधरी छोटू राम

Post Views: 435 चौधरी छोटू राम, अनुवाद-हरि सिंह जब मैंने यह सिलसिला शुरू किया तो इसको चारों ही लेखों पर समाप्त करने का इरादा था, लेकिन मुझे विश्वास दिलाया गया…