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मुलाकात डरी हुई लड़की’ से… नवरत्न पांडे

नवरत्न पांडे इस उपन्यास की कुछ सतरें सर, उस आत्मा को किस डिटर्जेंट पाउडर से धोऊं जो मैली हो चुकी है-डरी हुई लड़की ने कहा है। उसकी समूची देह प्रश्नवाचक…

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साहित्य कैसे पढ़ाएं- अशोक भाटिया

साहित्य मनुष्यता निर्माण की परियोजना है, उसका अध्ययन-अध्यापन भी इसी संदर्भ में सार्थकता प्राप्त करता है। साहित्यिक रचना के मर्म और सौंदर्य का उद्घाटन ही साहित्य के अध्यापक का काम…

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दलित प्रेम का आशय – ‘प्रेमकथा एहि भांति बिचारहु’ – बजरंग बिहारी तिवारी

बजरंग बिहारी तिवारी प्रेम की सामर्थ्य देखनी हो तो संतों का स्मरण करना चाहिए। संतों में विशेषकर रविदास का। प्रेम की ऐसी बहुआयामी संकल्पना समय से बहुत आगे है। उनके…

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प्रेमचंद और हमारा समय – प्रो. सुभाष चंद्र

  प्रेमचंद ने हिंदी और भारतीय साहित्य को गहरे से प्रभावित किया.साहित्य को यथार्थ से जोड़ा. किसान-मजदूर का शोषण, दलित उत्पीड़न, साम्प्रदायिक-विद्वेष, लैंगिक असमानता की समस्या के विभिन्न पहलुओं पर…

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भक्ति आंदोलन और भक्ति

 डा. सेवा सिंह डा. सेवा सिंह की भक्ति और भक्ति आंदोलन पर कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, इनके अध्ययन के निष्कर्षों ने भक्ति और भक्ति आंदोलन संबंधी चिंतन को…

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ज्ञान-पश्चिम-औपनिवेशिकता – अमन वासिष्ठ

 अमनदीप वशिष्ठ भारत लगभग दो सौ साल तक अग्रेंजी साम्राज्य के अधीन रहा। साम्राज्यवाद ने भारत के प्राकृतिक-भौतिक संसाधनों का केवल दोहन ही नहीं किया, बल्कि सांस्कृतिक वर्चस्व कायम करके…

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वैचारिक बहस को जन्म दे रही है देस हरियाणा’

विकास होग्या बहुत खुसी, गामां की तस्वीर बदलगी भाईचारा भी टूट्या सै, इब माणस की तासीर बदलगी -रामेश्वर गुप्ता पिछले दस-बारह सालों से ‘हरियाणा नं. 1’ की छवि गढने के…

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अंतहीन संकट -महावीर शर्मा

यह पुस्तक एक तरह से 2009 में प्रकाशित हुई फोस्टर व मैगडाफ की पुस्तक 2007 का महासंकट, कारण व दुष्परिणाम की अगली कड़ी है। ये दोनों पुस्तकें हमें स्वीजी, बरान…

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वर्तमान समय की दुरभिसंधि की करुण कथा – जाट कहवै , सुण जाटनी- राजेन्द्र गौतम

ग्लोकल और लोकल की फ्रेज इस उपन्यास के साथ विशेष रूप से जुडी है क्योंकि इसमें चित्रित समस्या का आकार अखिल भारतीय है पर उसको जिस भाषिक और शैल्पिक कलेवर…