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उसूल और जिंदगी में से एक चुनना पड़ा तो मैं उसूल चुनूंगा – जगमोहन

Post Views: 93 16 मार्च 2016 को देस हरियाणा पत्रिका की ओर से ‘युवा पीढ़ी और शहीद भगत सिंह की विचारधारा’ विषय पर सेमीनार आयोजित किया, जिसमें शहीद भगत सिंह…

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मैं कासी का जुलहा बूझहु मोर गिआना – डा.सेवा सिंह

Post Views: 121 आलेख ब्राह्मणवाद की विचारधारा ने श्रम-जन्य कर्मों का तिरस्कार करते हुए वर्णधर्मी व्यवस्था के अंतर्गत उत्पादनशील श्रेणियों का शोषण बनाए रखा है।  कबीर की वाणियों में इस…

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सांचि कहौं तो मारन धावै – डा. सुभाष चंद्र

Post Views: 107 आलेख कबीर दास मध्यकालीन भारत के प्रसिद्घ संत हैं, जिन्होंने अपनी रचनाओं में हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रयास किया तथा ब्राह्मणवादी धार्मिक आडम्बरों की आलोचना की। इनकी प्रसिद्घ…

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ब्रेख्तः नाटक के अंत पर नहीं, प्रक्रिया पर ध्यान रहे – मीत

Post Views: 57 विश्व साहित्य बर्टाेल्ट ब्रेख्त (बर्टाेल्ट आयगन फ्रीडरिक ब्रेख्त) नि:संदेह 20वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण लेखकों में से एक हैं। नाटक के क्षेत्र में उनका प्रभाव वैसा ही…

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गोदान के होरी का समसामयिक संदर्भ – आदित्य आंगिरस

Post Views: 112 आलोचना गोदान प्रेमचंद का एक ऐसा उपन्यास है जिसमें उनकी कला अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँची है। गोदान में भारतीय किसान का संपूर्ण जीवन – उसकी आकांक्षा और…

ईंट भट्ठा उद्योग : महिलाओं का जीवन एवं बाल श्रम – मुकेश कुमार

Post Views: 144 आलेख                 अगर आंकड़ों की नजर से देखें तो 1991 से लागू उदारीकरण, वैश्वीकरण व नीजिकरण की नीतियों के चलते भारत के सकल घरेलू उत्पादन में वृद्धि…

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देश का चेहरा धर्मनिरपेक्ष रहना चाहिए – कृष्णा सोबती

Post Views: 30  (प्रख्यात कथा लेखिका कृष्णा सोबती को वर्ष 2017 के ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।  प्रस्तुत है आज की देश की सबसे ज्वलंत समस्या पर उनकी…

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देख कबिरा रोया…डा. सुभाष चंद्र

Post Views: 24 सुखिया सब संसार है, खावै और सोवै दुखिया दास कबीर है जागै और रोवै कबीर ने झूठ के घटाटोप को भेदकर सच्चाई को पा लिया था, इसलिए…

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साहित्य का स्व-भाव और राजसत्ता – बजरंग बिहारी तिवारी

Post Views: 123 भारतीय मानस धर्मप्राण है इसलिए भारतीय साहित्य अपने स्वभाव में अध्यात्मवादी, रहस्यवादी है; यह धारणा औपनिवेशिक दौर में बनी। राजनीति में साहित्य की दिलचस्पी आधुनिक काल में…

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तरक्कीपसंद शायर आबिद आलमी की ग़ज़लगोई – ज्ञान प्रकाश विवेक

Post Views: 112 आलेख ज्ञान प्रकाश विवेक देश का विभाजन एक न भूलने वाली घटना थी। यह एक ऐसी त्रासदी थी, जिसने भूगोल ही नहीं, अवाम को भी तकसीम करके…