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कैसे मिटे गांव की प्यास – भारत डोगरा

ग्रामीण पेयजल की समस्या बढ़ती जा रही है। सरकारी आंकड़े चाहे उपलब्धियों का कुछ भी दावा करें, पर वास्तविक स्थिति बहुत चिंताजनक है। इस कारण स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, महिला कल्याण आदि विभिन्न क्षेत्रों की क्षति हो रही है।

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पंचकूला से मेलबॉर्न – सुरेन्द्रपाल सिंह

Post Views: 356 थेम्स नदी में कितने ही समुद्री जहाज एक ही स्थान पर खड़े हैं और उनमें सज़ायाफ्ता कैदियों को रखा जाता है। स्थिति यहाँ तक पहुंच चुकी है…

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राजभाषा संबंधी संवैधानिक प्रावधान

Post Views: 313 हिन्दी को भारत की राजभाषा के रूप में 14 सितम्बर सन् 1949 को स्वीकार किया गया । इसके बाद संविधान में राजभाषा के सम्बन्ध में धारा 343…

पीर बुद्धू शाह – सुरेन्द्रपाल सिंह

पीर बुद्धू शाह अपने चार पुत्रों, दो भाइयों और 700 अनुयायियों के साथ सढोरा से चलकर गुरु गोबिन्द सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़े। इस लड़ाई में गुरु की फौज को जीत तो हासिल हुई, लेकिन पीर बुद्धू शाह के दो पुत्र अशरफ शाह और मोहम्मद शाह व भाई भूरे शाह शहीद सहित 500 अनुयायी शहीद हुए।

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निजी स्कूल शिक्षा के प्रति बढ़ रहा असंतोष -दीपक राविश

Post Views: 283 वर्तमान समय में निजी स्कूल शिक्षा के प्रति बढ़ रहे असंतोष के दो मुख्य तात्कालिक कारण हैं। पहला समय-समय पर की जाने वाली फीस वृद्धियों से अभिभावकों…

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बुद्ध के सिंद्धांत और उपदेश – डा. भीमराव आंबेडकर

Post Views: 366 डा. आंबेडकर ने एक पुस्तक लिखी ‘बुद्ध अथवा कार्ल मार्क्स ‘। इसमें दोनों दार्शनिकों के सिद्धातों की तुलना की।उन्होंने यह इस उम्मीद से किया था कि इससे वर्तमान में…

धार्मिक पूर्वाग्रहों की छाया में भोजन – सुभाष गाताड़े

Post Views: 463 भोजन को लेकर अलग अलग समुदायों/सम्प्रदायों में अलग-अलग तरह की बंदिशें बनी हैं, जो कई बार एक-दूसरे के ख़िलाफ़ भी दिखती हैं।  वर्णसमाज को ही देखें जिसने…

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हरियाणा लोकसभा चुनाव : मुद्दे गायब, तिकड़म और जातीय समीकरण हार-जीत का आधार- अविनाश सैनी

Post Views: 349 -अविनाश सैनी हरियाणा में चुनावों की बिसात बिछ गई है। मोहरे तय हो चुके हैं। चालें चली जा रही हैं। अपनी-अपनी जीत के दावे ठोके जा रहे…

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लोकतंत्र की मजबूती, आम आदमी की बेहतरी और खुशहाल भारत के लिए चुनें नई सरकार – योगेंद्र यादव

Post Views: 736 लोकसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक चिंतक और स्वराज इंडिया के संयोजक योगेंद्र यादव से अविनाश सैनी की बातचीत अविनाश सैनी- योगेंद्र जी, राजनीतिक-सामाजिक विचारक होने के नाते…

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झूठा ही सही वायदा क्यूँ न यकीं कर लेते – सुरेन्द्र पाल सिंह

Post Views: 493 2019 में 17वीं लोकसभा के चुनावों के लिए मतदान का सिलसिला जारी है. हमारे राज्य में भी 12 मई को मतदान होना है. आमतौर पर राजनैतिक पार्टियों…