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उच्च शिक्षा : अपेक्षाएं और चुनौतियां – डा. सुभाष चंद्र

शिक्षा सांस्कृतिक प्रक्रिया है, समाजीकरण का माध्यम, शक्ति का स्रोत और शोषण से मुक्ति का मार्ग है। शिक्षा का व्यक्ति और समाज के विकास से गहरा रिश्ता है, विशेषकर आज की ज्ञान केन्द्रित व नियन्त्रित दौर में। समाज के विकास और बदलाव के साथ साथ शिक्षा व ज्ञान का चरित्र भी बदला है। शिक्षा-विमर्श के मुद्दे भी बदले हैं।

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धर्मनिरपेक्षता की चुनौतियां

Post Views: 5,868 डा. सुभाष चन्द्र धर्मनिरपेक्षता धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है कि राज्य के मामलों में, राजनीति के मामलों में और अन्य गैर-धार्मिक मामलों से धर्म को दूर रखा जाए…

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हरियाणा में सभ्यता का उदय- सूरजभान

          मध्य कांस्य-काल में जो, पच्चीस सौ ई.पू. से सत्रह सौ ई.पू. के बीच रखा जाता है, हरियाणा में भी अन्य पड़ोसी प्रदेशों की भाँति सभ्यता का उदय है। इस काल की अनेक बस्तियाँ हिसार, जींद, कुरुक्षेत्र, रोहतक तथा भिवानी जिलों में खोज निकाली गई हैं। इनमें मित्ताथल, राखीगढ़ी, बानावली और बालू इनके प्रमुख केंद्र थे। राखीगढ़ी, में आज भी एक विशाल टीले के अवशेष विद्यमान हैं। बानावली, बालू और सम्भवतः मित्ताथल और राखीगढ़ी में किले और बस्तियों का विन्यास सिन्धु-सभ्यता के नगर-विन्यास से मेल खाता है। इनके मकान कच्ची एवं पक्की ईंटों के बने थे। सड़कें एवं गलियाँ बस्ती के आर-पार विद्यमान थीं। घरों में चौक, स्नानघर, रसोई आदि की सुविधाएँ विद्यमान थीं।

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हरियाणा: खेलों में उपलब्धियां – -विकास साल्याण

हरियाणा प्रांत के खिलाड़ी दुनिया भर में भारतवर्ष का डंका बजा रहे हैं। नवम्बर 1966 को हरियाणा प्रदेश भारत के सत्रहवें राज्य के रूप में मानचित्र पर आया था। पहले से ही सामाजिक पर्वों, उत्सवों व मेलों के अवसरों पर ताकत आजमाने वाले खेलों जैसे कबड्डी, कुश्ती और रस्साकसी आदि खेलों के आयोजन की परम्परा रही है। विश्व स्तर की खेल स्पर्धाओं जैसे एशियाड़, राष्ट्रमंडल तथा ओलम्पिक की खेल प्रतियोगिताओं में भारत के द्वारा जीते गए कुल पदकों में अकेले हरियाणा प्रांत के खिलाड़ियों द्वारा लगभग 35 प्रतिशत पदकों को प्राप्त किया है, जिसमें ताकत के खेल माने जाने वाले कुश्ती, कबड्डी और मुक्केबाजी में सर्वाधिक पदक अर्जित किए हैं।

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सिनेमा में हरियाणा – सहीराम

   यह पहली हरियाणवी फिल्म ‘‘चंद्रावल’’ के आने से पहले की बात है जब हिंदी की एक बड़ी हिट फिल्म आयी थी। नाम था ‘नमक हलाल’। यह हिंदी फिल्मों में अमिताभ बच्चन का जमाना था और अमिताभ बच्चन की उन दिनों थोड़ा आगे-पीछे मिलते-जुलते नामोंवालो दो फिल्में आयी थी – एक ‘नमक हलाल’ और दूसरी ‘नमक हराम’। ‘नमक हलाल’ में मालिक के नमक का हक अदा करने वाले जहां खुद अमिताभ बच्चन थे, वहीं ‘नमक हराम’ में फैक्टरी मालिक बने अमिताभ बच्चन अपने जिगरी दोस्त को इसलिए ‘नमक हराम’ मान लेते हैं क्योंकि खुद उन्होंने ही अपने इस जिगरी दोस्त को मजदूरों के बीच मजदूर बनाकर भेजा तो हड़ताल वगैरह तोड़ने के लिए था, लेकिन मजदूरों के दुख-तकलीफों को देखकर वह उनका हमदर्द बन जाता है। अच्छी बात यह है कि नमक हलाली हरियाणवियों के हिस्से आयी थी।

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हरियाणा में खेती-किसानी का गहराता संकट -महावीर शर्मा

    खेती का घाटे का सौदा बनना, नीतियों का मामला है। यह खेती के कारपोरेटीकरण का मामला है। यह एक अंतर्राष्ट्रीय मसला है। इसके मायने हैं, फसल के बीजों, भावों, सबसिडी व तकनीकों का फैसला अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डब्ल्यूटीओ आदि में होना। भारत में अभी भी आधी आबादी सीधे तौर पर खेती-किसानी से जुड़ी है। यहां उपरोक्त माडल के लागू होने का मतलब होगा 60 करोड़ लोगों का बेरोजगार हो जाना। इतनी बड़ी संख्या को कहां खपाया जाएगा, जबकि दूसरे सभी क्षेत्रों में रोजगार लगातार सिकुड़ता जा रहा है। हरियाणा उपरोक्त माडल के लागू होने की अग्रणी प्रयोगशाला है। भारी संख्या में किसानों को बड़ी रकम के क्रेडिट कार्ड देकर वापस यही पैसा मालों के उपयेाग में लगवा लेने की सरकारी योजना इसी साजिश का हिस्सा है। यह एक तरह से बड़े पैमाने पर खेती की जमीनों का जबरन हस्तांतरण साबित होगा।

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हरियाणा में कीटनाशकों का कहर

भारत सरकार के कृषि विभाग द्वारा अभी हाल में जारी रिपोर्ट के अनुसार देश भर के विभिन्न हिस्सों में फल, सब्जियों, अण्डों और दूध में कीट नाशकों की उपस्थिति पर किए गए अध्ययन से स्पष्ट हुआ है कि इन सभी में इनकी न्यूनतम स्वीकृत मात्रा से काफी अधिक मात्रा पाई गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार सत्र 2008 और 2009 के बीच देश के विभिन्न हिस्सों से एकत्र किए गए खाद्यान्न के नमूनों का अध्ययन देश की 20 प्रतिष्ठित प्रयोगशालाओं में किया गया तथा अधिकांश नमूनों में डी.डी.टी.,लिण्डेन और मानोक्रोटोफास जैसे खतरनाक और प्रतिबंधित कीटनाशकों के अंश इनकी न्यूनतम स्वीकृत मात्रा से अधिक मात्रा में पाए गए हैं। इलाहाबाद से लिए गए टमाटर के नमूने में डी.डी.टी.की मात्रा न्यूनतम् से 108 गुनी अधिक पाई गई है, यहीं से लिए गए भुट्टे के नमूने में प्रतिबंधित कीटनाशक हेप्टाक्लोर की मात्रा न्यूनतम स्वीकृत मात्रा से 10 गुनी अधिक पाई गई है, उल्लेखनीय है कि हेप्टाक्लोर लीवर और तंत्रिका तंत्र को नष्ट करता है।

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थिएटर ऑफ़ रेलेवंस

हरियाणा सृजन उत्सव में  24 फरवरी 2018 को ‘थिएटर ऑफ रेलेवंस’  के जनक मंजुल भारद्वाज से रंगकर्मी दुष्यंत के बीच परिचर्चा हुई और मौजूद श्रोताओं ने इसमें  शिरकत की। प्रस्तुत है इस संवाद की रिपोर्ट। सं.

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ठेठ भारतीय आधुनिकता के सृजन की चुनौती – योगेंद्र यादव

हम लोग जो अपने आप को प्रगतिशील कहते हैं, सेकुलर कहते हैं, उदारवादी कहते हैं या वामपंथी कहते हैं, हम जिस भाषा में बात करते हैं, जिस मुहावरे में बात करते हैं, उसमें कहीं ना कहीं गड़बड़ है। हमारी भाषा हमें जन मानस से जोड़ने का काम नहीं कर पा रही है। और सोचने पर महसूस हुआ कि मामला सिर्फ भाषा और मुहावरे का नहीं है, हमारी बुनियादी सोच में खोट है। हमारी सोच, हमारी अवधारणाएं और हमारे सिद्धांत सब एक यूरोपीय अनुभव की पैदाइश हैं और कहीं न कहीं उसी खांचे में कैद हैं। समतामूलक राजनीति को एक देशज विचार की जरूरत है।

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पत्र-पत्रिकाएं : साहित्यिक सरोकार एवं प्रसार

Post Views: 917 प्रस्तुति – गुंजन  कैहरबा सृजन उत्सव के दौरान 25 फरवरी को ‘पत्र-पत्रिकाएः साहित्यिक सरोकार एवं प्रसार’ विषय पर परिसंवाद का आयोजन हुआ। जिसमें ‘युवा संवाद’ पत्रिका के…