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चसवाल साहेब यानी आबिद आलमी सिद्धांत के आदमी थे

अत्यंत धीर, गम्भीर चसवाल साहेब सिद्धांतों के आदमी थे, बल्कि यह कहना ज्यादा ठीक होगा कि वह सिद्धांतों के नहीं, बल्कि एक ही सिद्धांत के आदमी थे। उसी सिद्धांत ने उनकी तमाम शायरी को प्रेरित किया और वह उनकी सभी गतिविधियों के पीछे दिखाई देता था। चसवाल साहेब किसी भी शक्ल में किसी का भी, कहीं भी कोई शोषण नहीं सह पाते थे और उसके विरुद्ध आवाज उठाना वह अपना पहला इन्सानी फर्ज समझते थे।

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मोरनी: एक ऐतिहासिक झलक – सुरेन्द्रपाल सिंह

Post Views: 432 इतिहास के पन्नों से… मोरनी: एक ऐतिहासिक झलक             शिवालिक की पहाड़ियों में स्थित मोरनी नामक एक छोटे से कस्बे की सबसे ऊंची पहाड़ी पर एक किले…