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कौन बनेगा अमेरिका का राष्ट्रपति – महावीर शर्मा

सामयिकी पूरी दुनिया की नजर अमरीका पर है, ऐसा हर दस  साल बाद होता है। नवम्बर 2014 में अमरीकी राष्ट्रपति का चुनाव होना है। अभी पद की उम्मीदवारी के चयन…

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एक अशांत अदीब की खामोश मौत -ज्ञान प्रकाश विवेक

ज्ञान प्रकाश विवेक ललित कार्तिकेय का जन्म हरियाणा के सारन में हुआ। उन्होंने ‘हिलियम’, ‘तलछट का कोरस’, कहानी संग्रह, ‘सामने का समय’, आलोचना तथा देरिदा की ‘स्पेक्टर्स ऑफ माक्र्स’, सलमान…

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मेरे लड़के को सिखाएं…-अब्राहिम लिंकन

दस्तावेज अमरीकी  राष्ट्रपति-अब्राहिम  लिंकन ने यह पत्र अपने लड़के  शिक्षक को लिखा था। यह पत्र एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। प्रिय गुरुजी,                 सभी व्यक्ति न्यायप्रिय नहीं होते, और न ही…

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ब्रेख्तः नाटक के अंत पर नहीं, प्रक्रिया पर ध्यान रहे – मीत

विश्व साहित्य बर्टाेल्ट ब्रेख्त (बर्टाेल्ट आयगन फ्रीडरिक ब्रेख्त) नि:संदेह 20वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण लेखकों में से एक हैं। नाटक के क्षेत्र में उनका प्रभाव वैसा ही माना जा सकता…

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गादड़ का चौंतरा – लोक कथा

हरियाणवी लोक कथा एक गादड़ था, वो अपणा चौंतरा बणा कै, लीप-पोत कै, साफ-सुथरा राख्या करता। वो अपणा रोब भोत राख्या करता। वो न्यू जाणता के सारा जंगल तेरा कह्या…

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घुमंतु जीवनः सिकलीगर समुदाय -अरूण कुमार कैहरबा

कभी कारीगरी थी शान, आज रोटी का नहीं इंतजाम विकास के दावों के बावजूद आज भी बहुत से समुदाय आर्थिक-सामाजिक पिछड़ेपन के अंधकूप में जीवन-यापन कर रहे हैं। अपने पूर्वाग्रहों…

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जहाज कोठी- सुरेंद्र पाल सिंह

हिसार में एक स्थान का नाम है जहाजपुल। इसके बगल में ही एक इमारत है जिसमें एक टूटे हुए पत्थर की प्लेट पर अंग्रेजी और फ़ारसी में लिखा है जॉर्ज थॉमस 1796। फि़लहाल इस इमारत में पुरातत्व विभाग द्वारा एक अजायब घर बनाया हुआ है।

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चसवाल साहेब यानी आबिद आलमी सिद्धांत के आदमी थे

अत्यंत धीर, गम्भीर चसवाल साहेब सिद्धांतों के आदमी थे, बल्कि यह कहना ज्यादा ठीक होगा कि वह सिद्धांतों के नहीं, बल्कि एक ही सिद्धांत के आदमी थे। उसी सिद्धांत ने उनकी तमाम शायरी को प्रेरित किया और वह उनकी सभी गतिविधियों के पीछे दिखाई देता था। चसवाल साहेब किसी भी शक्ल में किसी का भी, कहीं भी कोई शोषण नहीं सह पाते थे और उसके विरुद्ध आवाज उठाना वह अपना पहला इन्सानी फर्ज समझते थे।

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मोरनी: एक ऐतिहासिक झलक – सुरेन्द्रपाल सिंह

इतिहास के पन्नों से… मोरनी: एक ऐतिहासिक झलक             शिवालिक की पहाड़ियों में स्थित मोरनी नामक एक छोटे से कस्बे की सबसे ऊंची पहाड़ी पर एक किले की इमारत है,…