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समाजवाद की स्थापना चाहते थे शहीद भगत सिंह

Post Views: 198 राजविन्द्र सिंह चन्दी  आल इंडिया लार्यर्स यूनियन जिला कांऊसिल कुरुक्षेत्र ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह जयंती के उपलक्ष्य में 27 सितम्बर 2018 को बार रूम जिला न्यायालय कुरुक्षेत्र…

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दास्तान एक शहर की – ओम सिंह अशफाक

Post Views: 333 ओमसिंह अशफाक  दास्तान- ए -शहर कैसे बयां करूं जीऊँ तो कैसे जीऊँ, मरूँ तो कैसे मरूँ मैं सन् 1984 में इस शहर में आया तो इसे आदतन…

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मार्क्स के जन्म को दो सौ साल पूरे हो चले – अमन वासिष्ठ

Post Views: 123 अमन वासिष्ठ (मार्क्स के जन्म को दो सौ साल हो चुके हैं, मार्क्स ने समाज को नए ढंग से व्याख्यायित किया। द्वंद्वात्मक भौतिकवाद, ऐतिहासिक भौतिकवाद, वर्ग-संघर्ष के…

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सबसे ख़तरनाक होता है हमारे सपनों का मर जाना – महावीर शर्मा

Post Views: 190 महावीर शर्मा  रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा का गठन 6 साल पहले 2012 में किया गया था। वर्तमान में इस संगठन की सदस्यता 20,000 के लगभग है। हरियाणा…

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प्रदीप कासनी – सरबजीत : एक दोस्त एक अदीब

Post Views: 197 आखिर दिसम्बर ‘98 का यह दिन आना ही था। दक दुर्निवार खिंच से आबद्ध कवि सधे कदमों से उस पाले को लांघ गया, जहां हम सब स्तब्ध…

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मैं क्यों लिखता हूँ – ओम सिंह अशफाक

Post Views: 140 ओम सिंह अशफाक मैं क्यों लिखता हूँ?-इस सवाल का जवाब बहुत सरल भी हो सकता है और जटिल भी। सरल इस तरह कि जैसे हर इंसान भोजन…

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और सफर तय करना था अभी तो, सरबजीत! – ओमप्रकाश करुणेश

Post Views: 106 ओम प्रकाश करुणेश  (कथाकर व आलोचक सरबजीत की असामयिक मृत्यु पर लिखा गया संस्मरण) सरबजीत के साथ पहली मुलाकात ठीक ठाक से तो याद नहीं, पर खुली-आत्मीय भरी…

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जीना इसी का नाम है -गीता पाल

Post Views: 147 गीता पाल           जैसे ही मैंने क्लास में कदम रखा और पूछा, मॉनीटर कौन है? लड़कों की तरफ से आवाज आई – जी चन्दा।…

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हम ढूंढते फिरे जिन्हें खेतों और गलियों में – ओम सिंह अशफाक

Post Views: 187 ओमसिंह अशफाक  शमशेर बहादुर सिंह  (13-1-1911—12-5-1993) आज से करीब 64 साल पहले मैं शमशेर के इलाके में ही पैदा हुआ था। उनके पैतृक गांव ऐलम (मुज्जफरनगर) से…

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रात भर लोग अंधेरे की बलि चढ़ते हैं – ओम सिंह अशफाक

Post Views: 133 ओमसिंह अशफाक  आबिद आलमी (4-6-1933—9-2-1994) पिछले दिनों अम्बाला में तरक्की पसंद तहरीक में ‘फिकोएहसास के शायर’ जनाब आबिद आलमी हमसे हमेशा के लिए बिछड़ गए। उनका मूल…