placeholder

 गहरे सामाजिक सरोकारों से जुड़े थे प्रोफेसर सूरजभान – नरेश कुमार

Post Views: 245 नरेश कुमार जाने-माने इतिहासकार, पुरातत्ववेता और समाज सुधारक प्रोफेसर सूरजभान 14 जुलाई 2010 को हमारे बीच से चले गए। प्रोफेसर सूरजभान का जन्म 1 मार्च 1931 को…

placeholder

सांप – रत्न कुमार सांभरिया

Post Views: 400 वरिष्ठ साहित्यकार रत्न कुमार सांभरिया कहानी के नामचीन हस्ताक्षर हैं। कहानी सृजन के क्षेत्र में उन्होंने राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उनकी कहानियों में ठेठ देसीपन…

placeholder

चुराही पहेलियां (फड़ौणी)

Post Views: 152 चुराही (चंबा जिले के चुराह तहसील की पहाड़ी बोली) में पहेलियों को फड़ौणी कहा जाता है। जब बर्फ गिर रही होती है तो घर के सारे सदस्य…

placeholder

हिमाचली व्यंजन

Post Views: 332 – अर्शदीप सिंह बिच्छु बूटी की सब्जी यह एक जहरीला पौधा है। हरे रंग और पान के आकार के पत्तों वाले इस पौधे पर असंख्य कांटे होते…

placeholder

शंवाई-पंझेई – दो लड़कियों की बलि देकर बनाया गया था शिव मंदिर

Post Views: 144 – अर्शदीप सिंह चंबा जिले की सुंदर वादियों में स्थित है एक छोटी सी तहसील चुराह। चुराह तहसील ऊंचे पहाड़ों पर बसने वाले दो गांव इस इलाके…

जाट कहवै, सुण जाटणी – प्रदीप नील वशिष्ठ

Post Views: 265 एक बात ने कई सालों से मुझे परेशान कर रखा था। और वह शर्म की बात यह कि अपने  हरियाणा में हरियाणवी बोलने वाले को नाक-भौं चढ़ा…

placeholder

फुहशनिगार नहीं, हकीकतनिगार इस्मत चुगताई – गुरबख्श मोंगा

Post Views: 151 गुरबख्श सिंह मोंगा समूचे भारतीय उपमहाद्वीप में इस्मत चुगताई का नाम किसी तआरूफ  का मोहताज नहीं। अपने ही घर में मजहब, मर्यादा, झूठी इज्जत के नाम पर…

placeholder

पानीपत थर्मल प्लांट का पास-परिवेश – आशु वर्मा/अंशु मालवीय

Post Views: 272 जवाहर लाल नेहरू ने जिन बड़े सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को आधुनिक युग के मंदिर और ‘कमांडिंग हाइट्स’ कहा था, उन्हीं में से एक, इस प्लांट के आसपास की…

placeholder

सरबजीत, तारा पांचाल और पिलखन का पेड़ -ओमसिंह अशफाक

Post Views: 329 ओमसिंह अशफाक सरबजीत (30-12-1961—13-12-1998) दोस्तों का बिछडऩा बड़ा कष्टदायक होता है। ज्यों-ज्यों हमारी उम्र बढ़ती जाती है पीड़ा सहने की शक्ति भी क्षीण होती रहती है। जवानी…