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म्हारै गाम का चौकीदार

Post Views: 365 म्हारै गाम का चौकीदार बोहत टैम पहल्यां की बात सै। म्हारै गाम म्हं एक चौकीदार था। उसके बोहत सारे काम थे। गाम कुछ भी होंदा उसका गोहा…

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 गहरे सामाजिक सरोकारों से जुड़े थे प्रोफेसर सूरजभान – नरेश कुमार

Post Views: 392 नरेश कुमार जाने-माने इतिहासकार, पुरातत्ववेता और समाज सुधारक प्रोफेसर सूरजभान 14 जुलाई 2010 को हमारे बीच से चले गए। प्रोफेसर सूरजभान का जन्म 1 मार्च 1931 को…

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सांप – रत्न कुमार सांभरिया

Post Views: 620 वरिष्ठ साहित्यकार रत्न कुमार सांभरिया कहानी के नामचीन हस्ताक्षर हैं। कहानी सृजन के क्षेत्र में उन्होंने राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उनकी कहानियों में ठेठ देसीपन…

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चुराही पहेलियां (फड़ौणी)

Post Views: 293 चुराही (चंबा जिले के चुराह तहसील की पहाड़ी बोली) में पहेलियों को फड़ौणी कहा जाता है। जब बर्फ गिर रही होती है तो घर के सारे सदस्य…

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हिमाचली व्यंजन

Post Views: 454 – अर्शदीप सिंह बिच्छु बूटी की सब्जी यह एक जहरीला पौधा है। हरे रंग और पान के आकार के पत्तों वाले इस पौधे पर असंख्य कांटे होते…

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शंवाई-पंझेई – दो लड़कियों की बलि देकर बनाया गया था शिव मंदिर

Post Views: 246 – अर्शदीप सिंह चंबा जिले की सुंदर वादियों में स्थित है एक छोटी सी तहसील चुराह। चुराह तहसील ऊंचे पहाड़ों पर बसने वाले दो गांव इस इलाके…

जाट कहवै, सुण जाटणी – प्रदीप नील वशिष्ठ

Post Views: 584 एक बात ने कई सालों से मुझे परेशान कर रखा था। और वह शर्म की बात यह कि अपने  हरियाणा में हरियाणवी बोलने वाले को नाक-भौं चढ़ा…

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फुहशनिगार नहीं, हकीकतनिगार इस्मत चुगताई – गुरबख्श मोंगा

Post Views: 294 गुरबख्श सिंह मोंगा समूचे भारतीय उपमहाद्वीप में इस्मत चुगताई का नाम किसी तआरूफ  का मोहताज नहीं। अपने ही घर में मजहब, मर्यादा, झूठी इज्जत के नाम पर…

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पानीपत थर्मल प्लांट का पास-परिवेश – आशु वर्मा/अंशु मालवीय

Post Views: 438 जवाहर लाल नेहरू ने जिन बड़े सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को आधुनिक युग के मंदिर और ‘कमांडिंग हाइट्स’ कहा था, उन्हीं में से एक, इस प्लांट के आसपास की…