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हरियाणा में 1857 का राष्ट्रीय विद्रोह – प्रोफेसर सूरजभान

Post Views: 1,998  भारत में इस वर्ष 1857 के राष्ट्रीय विद्रोह की 150वीं सालगिरह मनाई जा रही है। इस विद्रोह को देसी और विदेशी इतिहासकारों ने अपनी – अपनी दृष्टियों…

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सुघः एक पुराने नगर की कहानी – प्रो. सूरजभान

सुघ का राज्य हिमालय की तलहटी में स्थित था। यह जमना नदी के दोनों तरफ फैला हुआ था। राजधानी जमना के पश्चिमी तट पर थी। उस समय सुघ में एक हजार बौद्ध साधु रहते थे, जो भिक्षु कहलाते थे। नगर में साधुओं के रहने के लिए पांच आश्रम थे। बुद्ध धर्म में इन्हें संघाराम कहते थे। यहां बौद्ध साधु पढ़ने-पढ़ाने का काम करते थे।

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अमर शहीद राव तुलाराम – सूरजभान

Post Views: 430 प्रो.  सूरजभान  पिछले एक दौर में अपनी विरासत के बारे में हमारी चेतना बहुत कमजोर पड़ी है। हम काफी हद तक अपने इतिहास के बेहतर पहलुओं को…

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दाराशिकोह और उनका समुद्र संगम -राधावल्लभ त्रिपाठी

Post Views: 1,199 राधावल्लभ त्रिपाठी बादशाह शाहजहां के चार बेटों में दाराशिकोह सबसे बड़े थे। वे शाहजहां के सबसे छोटे बेटे औरंगजेब के द्वारा मारे गए। अगर औरंगजेब की जगह…

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खानवा का युद्ध और मेवाती -सिद्दीक अहमद ‘मेव’

Post Views: 442 भारत के मध्यकाल के इतिहास के बारे में आधुनिक काल की शासन-सत्ताओं ने बहुत सी भ्रांतियां फैलाई।  पूरे मध्यकाल को ऐसे प्रस्तुत किया गया जैसे कि यह…

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सआदत हसन मन्टो और विभाजन की त्रासदी – रमणीक मोहन

Post Views: 297 मोहन रमणीक 15 अगस्त का दिन हमारे लिए ख़ुशी का दिन है। मगर यह हमें उस ऐतिहासिक त्रासदी की भी याद दिलाता है जिसे हम मुल्क के…

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आजादी से पहले का हरियाणा – रघुवीर सिंह

Post Views: 369 हरियाणा हिन्दुस्तान के उन प्रदेशों में से है,जो राजनीतिक तथा सामाजिक तौर पर काफी पिछड़े हुए इलाके हैं और जिनमें राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलन तथा दूसरे समाज-सुधार आंदोलनों…

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गुरु नानक की दरियादिली -देवेंद्र सत्यार्थी

Post Views: 731 देवेन्द्र सत्यार्थी    नीची अन्दर नीच जाति नीची हूं अति नीचु । नानकु तिनके संगि साथि वडिया सिउ किया रीस। जिथै नीच समाली अनि तिथै नदरि तेरी…

लोहारू का खूनी संघर्ष – लाजपत राय

Post Views: 1,584 चौधरी लाजपत राय लोहारू एक छोटी सी स्टेट थी। इसमें श्योराण जाटों के 52 गांव बसते थे। यह उस समय के जिला हिसार की तहसील भिवानी के…

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1857, किस्सा सदरूद्दीन मेवाती का – सहीराम 

Post Views: 1,116 नौटंकी पात्र : नट तथा नटी। दो देहाती (बार-बार उन्हीं को दोहराया जा सकता है),एक ढिढ़ोरची (दो देहातियों में एक हो सकता है या नट भी हो…