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हिन्दी की उन्नति – बालमुकुंद गुप्त

Post Views: 21 हिन्दी भाषा के संबंध में शुभ केवल इतना ही देखने में आता है कि कुछ लोगों को इसे उन्नत देखने की इच्छा हुई है। किंतु केवल इच्छा…

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हिंदी भाषा की भूमिका – बालमुकुंद गुप्त

हिन्दी फारसी भाषा का शब्द है। उसका अर्थ है हिन्द से संबंध रखने वाली, अर्थात् हिन्दुस्तान की भाषा। ब्रजभाषा में फारसी, अरबी, तुर्की आदि भाषाओं के मिलने से हिन्दी की सृष्टि हुई।

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सत्याग्रह दर्शन और भारत

आज भी और पहले भी सत्ताग्रह और सत्याग्रह में संघर्ष रहा है।गांधी ने सत्य की अविछिन्न परंपरा से अपने को जोड़ा। सत्ता सत्य की परिभाषा बदलने पर उतारू है। सत्य हमेशा लोकमंगलकारी होता है। सत्य पर प्रहार और हमले लोक पर और लोकतंत्र पर हमले हैं।

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हिटलर के नाम गांधी के पत्र

Post Views: 6 गांधी जी संवाद पूरा करने में विश्वास रखते थे। मन में कोई ग्लानि हो, किसी से शिकायत हो, अपनी बात किसी तक पहुंचाने की ज़रूरत हो या…

गुगा पीर की छड़ी, नानी कूद के पड़ी – सोनिया सत्या नीता

Post Views: 10 भादव के शुरू होते ही डेरू बजने की परम्परा भी जीवंत होती है. गांव देहात मे भादव के आने पर डेरू वाले एकम से लेकर नवमी तक…

पीर बुद्धू शाह – सुरेन्द्रपाल सिंह

पीर बुद्धू शाह अपने चार पुत्रों, दो भाइयों और 700 अनुयायियों के साथ सढोरा से चलकर गुरु गोबिन्द सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़े। इस लड़ाई में गुरु की फौज को जीत तो हासिल हुई, लेकिन पीर बुद्धू शाह के दो पुत्र अशरफ शाह और मोहम्मद शाह व भाई भूरे शाह शहीद सहित 500 अनुयायी शहीद हुए।

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बुद्ध के सिंद्धांत और उपदेश – डा. भीमराव आंबेडकर

Post Views: 4 डा. आंबेडकर ने एक पुस्तक लिखी ‘बुद्ध अथवा कार्ल मार्क्स ‘। इसमें दोनों दार्शनिकों के सिद्धातों की तुलना की।उन्होंने यह इस उम्मीद से किया था कि इससे वर्तमान में…

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‘हम नहीं रोनी सूरत वाले’ : सावित्रीबाई फुले की कविताई – बजरंग बिहारी तिवारी

Post Views: 16 जीवन की गहरी समझ के साथ काव्य-रचना में प्रवृत्त होने वाली सावित्रीबाई फुले (1831-1897) अपने दो काव्य-संग्रहों के बल पर सृजन के इतिहास में अमर हैं. उनका…

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गांधी क्या बला है! – चौधरी छोटू राम

Post Views: 12 अनुवाद-हरि सिंह बटलर ने अन्य विषयों के अलावा भारतीय राजनीति पर छाई गांधी नामक परिघटना को भी अपने इस किसान-मित्र के माध्यम से जानना चाहा। जवाब में…