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कछुआ और खरगोश – इब्ने इंशा

लोक कथा एक था कछुआ, एक था खरगोश। दोनों ने आपस में दौड़ की शर्त लगाई। कोई कछुए से पूछे कि तूने शर्त क्यों लगाई? क्या सोचकर लगाई? बहरहाल…तय यह…

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क़ानून- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला (हरभगवान चावला सिरसा में रहते हैं। हरियाणा सरकार के विभिन्न महाविद्यालयों में  कई दशकों तक हिंदी साहित्य का अध्यापन किया। प्राचार्य पद से सेवानिवृत हुए। तीन कविता संग्रह…

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इतिहास- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला (हरभगवान चावला सिरसा में रहते हैं। हरियाणा सरकार के विभिन्न महाविद्यालयों में  कई दशकों तक हिंदी साहित्य का अध्यापन किया। प्राचार्य पद से सेवानिवृत हुए। तीन कविता संग्रह…

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न्याय- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला (हरभगवान चावला सिरसा में रहते हैं। हरियाणा सरकार के विभिन्न महाविद्यालयों में  कई दशकों तक हिंदी साहित्य का अध्यापन किया। प्राचार्य पद से सेवानिवृत हुए। तीन कविता संग्रह…

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सज़ा- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला (हरभगवान चावला सिरसा में रहते हैं। हरियाणा सरकार के विभिन्न महाविद्यालयों में  कई दशकों तक हिंदी साहित्य का अध्यापन किया। प्राचार्य पद से सेवानिवृत हुए। तीन कविता संग्रह…

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भेड़िया- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला (हरभगवान चावला सिरसा में रहते हैं। हरियाणा सरकार के विभिन्न महाविद्यालयों में  कई दशकों तक हिंदी साहित्य का अध्यापन किया। प्राचार्य पद से सेवानिवृत हुए। तीन कविता संग्रह…

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मोहल्ला द्रोह- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला (हरभगवान चावला सिरसा में रहते हैं। हरियाणा सरकार के विभिन्न महाविद्यालयों में  कई दशकों तक हिंदी साहित्य का अध्यापन किया। प्राचार्य पद से सेवानिवृत हुए। तीन कविता संग्रह…

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ख़ून- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला राजा को ख़ून देखने का जुनून था। ख़ून देखे बिना उसे नींद नहीं आती थी। राजा चूंकि राजा था, ख़ून बहाने के परंपरागत एकरस तरीक़े से ऊब जाता-…

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मैं लड़की हूं न – कृष्ण चन्द्र महादेविया

कृष्ण चन्द्र महादेविया लघुकथा बस भरी तो थी किन्तु पाठशाला जाने वाले छोटे और बड़े बच्चे बस में चढ़ आते थे। कुछ अकेले तो कुछ को उनके अभिभावक बस की…

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चौराहे का दीया – कमलेश भारतीय

कमलेश भारतीय (वरिष्ठ साहित्यकार कमलेश भारतीय दैनिक ट्रिब्यून से जुड़े रहे हैं। हरियाणा ग्रंथ अकादमी की पत्रिका कथा समय का संपादन किया। वर्तमान में नभछोर के साहित्यिक पृष्ठ का संपादन…