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यादों के आइने में भगतसिंह और उनके साथी – यशपाल

Post Views: 187 मैं यह कहानी व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर लिख रहा हूं। भगत सिंह, सुखदेव और मैं कालिज के सहपाठी थे। भगवतीचरण हम लोगों से दो बरस आगे…

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इसाए जी हो गरीब्बां जो अन्न पाणी वो दास – धनपत सिंह

Post Views: 55 इसाए जी हो गरीब्बां जो अन्न पाणी वो दासइसीए हो सै भूख जयसिंह इसी ए होया कर प्यास सांप के पिलाणे तैं भाई बणै दूध का जहरप्यार…

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जमाना ही चोर है – धनपत सिंह

Post Views: 106 जमाना ही चोर है, पक्षी-पखेरू क्या ढोर है कोये-कोये चोर है जग म्हं लीलो आने और दो आने काजवाहरात का चोर है कोय, कोय है चोर खजाने…

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हे तूं बालम के घर जाइये चंद्रमा – धनपत सिंह

Post Views: 59 हे तूं बालम के घर जाइये चंद्रमा,जाइये चंद्रमा और के चाहिये चंद्रमा आज सखीयां तैं चाली पट, दो बात सुणैं नैं म्हारी डटघूंघट तणना मुश्किल, बोहड़ीया बणना…

गुगा पीर की छड़ी, नानी कूद के पड़ी – सोनिया सत्या नीता

Post Views: 136 भादव के शुरू होते ही डेरू बजने की परम्परा भी जीवंत होती है. गांव देहात मे भादव के आने पर डेरू वाले एकम से लेकर नवमी तक…

शहीद भगत सिंह और जलियाँवाला बाग के कुछ अनछुए प्रसंग

Post Views: 166 लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता सुरेन्द्रपाल सिंह द्वारा प्रसिद्ध चितंक व शहीद भगत सिंह के भानजे प्रो.जगमोहन सिंह जी का साक्षात्कार। 13 अगस्त 2019 की सुबह हरिजन सेवक…

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वाघा-अटारी बॉर्डर : जश्न रिश्तों के अलगाव का

Post Views: 65 अंजू आजादभारत विभाजन की दास्तान को बयान करती पहली विभाजन रेखा वाघा -अटारी सीमा। जिसके एक तरफ भारत में अटारी गाँव और पाकिस्तान में वाघा गाँव स्थित…

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कलम घिसे और दवात सुकज्या हरफ लिखणियां थक ले – धनपत सिंह

Post Views: 70 कलम घिसे और दवात सुकज्या हरफ लिखणियां थक लेरै मेरी इसी पढ़ाई नैं कौण लिखणियां लिख ले इतणै भूक्खा मरणा हो इतणै वा झाल मिलै नागुमसुम रहैगा…

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ठाकुर का कुआँ – ओम प्रकाश वाल्मीकि

Post Views: 75 चूल्हा मिट्टी कामिट्टी तलाब कीतालाब ठाकुर का। भूख रोटी कीरोटी बाजरे कीबाजरा खेत काखेत ठाकुर का। बैल ठाकुर काहल ठाकुर काहल की मूठ पर हथेली अपनीफसल ठाकुर…