placeholder

धर्म में लिपटी वतनपरस्ती क्या-क्या स्वांग रचाएगी – गौहर रज़ा

देस हरियाणा और सत्यशोधक फाउंडेशन द्वारा 14-15 मार्च को कुरुक्षेत्र स्थित सैनी धर्मशाला में आयोजित हरियाणा सृजन उत्सव में दोनों दिन सवाल उठाने और चेतना पैदा करने वाली कविताएं गूंजती रही। देश के जाने-माने वैज्ञानिक एवं शायर गौहर रज़ा के कविता पाठ के लिए विशेष सत्र आयोजित किया गया। सत्र का संचालन रेतपथ के संपादक डॉ. अमित मनोज ने किया।

सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने की मुहिम – अरुण कुमार कैहरबा

देस हरियाणा और सत्यशोधक फाउंडेशन के तत्वावधान में प्रदेश के लेखकों-कवियों ने 29फरवरी व 1मार्च को हरियाणा सृजन यात्रा निकाली। सृजन यात्रा में हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर से जुडऩे की कोशिश के रूप में चार महान साहित्यकारों- शायर अल्ताफ हुसैन हाली, बाबू बालमुकुंद गुप्त, संत कवि गरीबदास और सूफी कवि बाबा फरीद से जुड़े क्रमश: पानीपत, रेवाड़ी जिले के गांव गुडिय़ानी, झज्झर जिला के गांव छुड़ानी व हांसी में स्थित स्थानों का भ्रमण किया गया।

placeholder

भारत की पहली शिक्षिका – माता सावित्रीबाई फुले

दिनांक 03-01-2019 को जोतिबा-सावित्री बाई फुले पुस्तकालय, सैनी समाज भवन, कुरूक्षेत्र में माता सावित्री बाई फुले के जन्मोत्सव पर सत्य शोधक फाउंडेशन की ओर से एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें देस हरियाणा के संपादक और कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग प्रोफेसर डॉ. सुभाषचन्द्र द्वारा लिखित सावित्री बाई फुले के जीवन और चिंतन पर केन्द्रित पुस्तक ‘भारत की पहली शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले’ का विमोचन किया गया।

शिक्षा जिंदगी का गेम चेंजर – सुभाष चंद्र

सावित्रीबाई फुले जयंती 2 जनवरी 2020 को गांव बरसत जिला करनाल में सत्यशोधक फाउंडेशन व सृजन कला मंच, बरसत द्वारा आयोजित कार्यक्रम

placeholder

सत्याग्रह दर्शन और भारत

आज भी और पहले भी सत्ताग्रह और सत्याग्रह में संघर्ष रहा है।गांधी ने सत्य की अविछिन्न परंपरा से अपने को जोड़ा। सत्ता सत्य की परिभाषा बदलने पर उतारू है। सत्य हमेशा लोकमंगलकारी होता है। सत्य पर प्रहार और हमले लोक पर और लोकतंत्र पर हमले हैं।

मुक्तिबोध के जन्म शताब्दी अवसर पर एक काव्य-गोष्ठी

Post Views: 271                 22 अगस्त को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की आर्टस फैक्लटी में टीम देस हरियाणा ने गजानन माधव मुक्तिबोध के जन्म शताब्दी अवसर पर एक काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया…

placeholder

सामंती व्यवस्था से टकराता साहित्यकार – बी. मदन मोहन

तीसरे हरियाणा सृजन उत्सव के दौरान 9 फरवरी 2019 को ‘लेखक से संवाद’ सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें हिमाचल के प्रख्यात साहित्यकार एस.आर. हरनोट के साथ श्रोताओं ने संवाद करना था, लेकिन स्वास्थ्य के चलते वे पहुंच नहीं पाए। एम एल एन कालेज, यमुनानगर में हिंदी के एसोसिएट प्रोफेसर बी.मदनमोहन ने उनकी रचनाओं से परिचित करवाया और उनकी रचनाओं के सामाजिक सरोकारों व सौंदर्य-शिल्प पर चर्चा की। प्रस्तुत है विकास साल्याण की रिपोर्ट –

उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है

धर्म के क्षेत्र में भक्ति आत्मा की मुक्ति और मोक्ष का मार्ग हो सकता है , लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में भक्ति या नायक पूजा पतन और तानाशाही का मार्ग होता है।उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है। हम उत्पीड़न की जब हम बात करते हैं तो हम घटनाओं की बातकरते है तो उसकी जड़की और विमर्श की बात नहीं करते।

नयी सुबह तक

Post Views: 578 कुरुक्षेत्र, 10 मार्च देस हरियाणा द्वारा स्थानीय महात्मा ज्योतिबा फुले सावित्रीबाई फुले पुस्तकालय में देश की पहली शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में सेवानिवृत्त आईएएस…

हरियाणा सृजन उत्सव – सृजन के नए संकल्पों के साथ सम्पन्न

Post Views: 324 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित आर.के. सदन में देस हरियाणा द्वारा आयोजित किया जा रहा दो दिवसीय हरियाणा सृजन सृजन के नए संकल्पों के साथ सम्पन्न हो गया। अहा…