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लोकतंत्र की मजबूती, आम आदमी की बेहतरी और खुशहाल भारत के लिए चुनें नई सरकार – योगेंद्र यादव

Post Views: 112 लोकसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक चिंतक और स्वराज इंडिया के संयोजक योगेंद्र यादव से अविनाश सैनी की बातचीत अविनाश सैनी- योगेंद्र जी, राजनीतिक-सामाजिक विचारक होने के नाते…

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ठेठ भारतीय आधुनिकता के सृजन की चुनौती – योगेंद्र यादव

हम लोग जो अपने आप को प्रगतिशील कहते हैं, सेकुलर कहते हैं, उदारवादी कहते हैं या वामपंथी कहते हैं, हम जिस भाषा में बात करते हैं, जिस मुहावरे में बात करते हैं, उसमें कहीं ना कहीं गड़बड़ है। हमारी भाषा हमें जन मानस से जोड़ने का काम नहीं कर पा रही है। और सोचने पर महसूस हुआ कि मामला सिर्फ भाषा और मुहावरे का नहीं है, हमारी बुनियादी सोच में खोट है। हमारी सोच, हमारी अवधारणाएं और हमारे सिद्धांत सब एक यूरोपीय अनुभव की पैदाइश हैं और कहीं न कहीं उसी खांचे में कैद हैं। समतामूलक राजनीति को एक देशज विचार की जरूरत है।