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लोग्गां की हुसयारी देक्खी – सत्यवीर नाहड़िया

लोग्गां की हुसयारी देक्खी, न्यारी दुनियादारी देक्खी। चोर-चोर की बात छोड़ इब, चोर-पुलिस म्हं यारी देक्खी। दरद मीठल़ा देग्यी बैरण, सूरत इतनी प्यारी देक्खी। घूम्मै नित अफसरी का कुणबा, जीप…

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लुटी ज्यब खेत्ती बाड़ी -सत्यवीर ‘नाहडिय़ा’

सत्यवीर ‘नाहडिय़ा’ रागनी 1 माट्टी म्हं माट्टी हुवै, जमींदार हालात। करजा ले निपटांवता, ब्याह्-छूछक अर भात। ब्याह्-छूछक अर भात, रात-दिन घणा कमावै। मांह् -पौह् की बी रात, खेत म्हं खड़ा…

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पचास साल का सफर हरियाणवी सिनेमा -सत्यवीर नाहडिया

सिनेमा हरियाणा प्रदेश के स्वर्ण जयंती वर्ष के पड़ाव पर यदि हरियाणवी सिनेमा की स्थिति का सूक्ष्म अध्ययन करें तो निराशा ही हाथ लगती है। सन् 1984 मेंं प्रदर्शित हुई…

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जोहड़ जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों को बचाना होगा

 सत्यवीर नाहड़िया  देहात की मनोरम छटा में चार चांद लगाने वाले जोहड़ों का अस्तित्व खतरे में है। कभी लोकजीवन की अगाध श्रद्धा व आस्था के केंद्र रहे जोहड़ आज प्रदूषण…

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सत्यवीर नाहड़िया

सत्यवीर ‘नाहड़िया’ रेवाड़ी जिले के नाहड़ गांव में 15 फरवरी 1971 को जन्म। एम.एससी., बी.एड. की उपाधि। लोक राग नामक हरियाणवी रागनी-संग्रह प्रकाशित चंडीगढ़ से  दैनिक ट्रिब्यून में ‘बोल बखत…