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नई रागनी के शिखर पुरुष पं. जगन्नाथ से संवाद – रोशन वर्मा 

नई रागनी के शिखर पुरुष पं. जगन्नाथ हमारे बीच नहीं रहे। देस हरियाणा की ओर से कलाकार को विनम्र श्रद्धांजलि। रचनाकार के स्वयं के बारे में जानना भी एक अनूठा अनुभव होता है। पं. जगन्नाथ जी के अवदान को याद करते हुए प्रस्तुत है  2013 में  रोशन वर्मा की पंडित जगन्नाथ से हुआ संवाद –

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उस्ताद धुलिया खान

लखमी चंद जब भी कोई धुन रचते और उस्ताद धुलिया खान से सारंगी के मधुर वादन पर उस धुन को सुनते तो झूम उठते और तब एक ही बात उनकी जुबान से निकला करती – उस्ताद। कमाल कर दिया।