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कात्यक की रुत आ गई – डा. राजेंद्र गौतम

वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक राजेंद्र गौतम, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी-विभाग से सेवानिवृत हुए हैं। इनके दोहे छंद-निर्वाह की कारीगरी नहीं, बल्कि आधुनिक कविता के तमाम गुण लिए हैं। कात्यक की…

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अम्मा का संसार – डा. राजेंद्र गौतम

(वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक राजेंद्र गौतम, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी-विभाग से सेवानिवृत हुए हैं। इनके दोहे छंद-निर्वाह की कारीगरी नहीं, बल्कि आधुनिक कविता के तमाम गुण लिए हैं। कात्यक की…

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हरियाणा में रचित हिन्दी कविता की अर्धशती -राजेन्द्र गौतम

साहित्य हरियाणा में रचित समकालीन हिन्दी कविता पर बात करते हुए एक दिक्कत सामने आती है। कविता का पार्थक्य भाषाओं और अलग-अलग काल-खंडों के आधार पर तो समझा जा सकता…