placeholder

सरबजीत, तारा पांचाल और पिलखन का पेड़ -ओमसिंह अशफाक

Post Views: 444 ओमसिंह अशफाक सरबजीत (30-12-1961—13-12-1998) दोस्तों का बिछडऩा बड़ा कष्टदायक होता है। ज्यों-ज्यों हमारी उम्र बढ़ती जाती है पीड़ा सहने की शक्ति भी क्षीण होती रहती है। जवानी…

placeholder

दास्तान एक शहर की – ओम सिंह अशफाक

Post Views: 554 ओमसिंह अशफाक  दास्तान- ए -शहर कैसे बयां करूं जीऊँ तो कैसे जीऊँ, मरूँ तो कैसे मरूँ मैं सन् 1984 में इस शहर में आया तो इसे आदतन…

placeholder

मैं क्यों लिखता हूँ – ओम सिंह अशफाक

Post Views: 225 ओम सिंह अशफाक मैं क्यों लिखता हूँ?-इस सवाल का जवाब बहुत सरल भी हो सकता है और जटिल भी। सरल इस तरह कि जैसे हर इंसान भोजन…

placeholder

हम ढूंढते फिरे जिन्हें खेतों और गलियों में – ओम सिंह अशफाक

Post Views: 340 ओमसिंह अशफाक  शमशेर बहादुर सिंह  (13-1-1911—12-5-1993) आज से करीब 64 साल पहले मैं शमशेर के इलाके में ही पैदा हुआ था। उनके पैतृक गांव ऐलम (मुज्जफरनगर) से…

placeholder

आचरणगत धर्म और कर्मकांडी धर्म में फर्क करो – ओम सिंह अशफाक

Post Views: 217 ओम सिंह अशफाक 6 दिसंबर 2018 बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्माण दिवस के अवसर पर. धर्म और राजनीति विषय पर परिचर्चा में ओम सिंह अशफाक…

placeholder

रात भर लोग अंधेरे की बलि चढ़ते हैं – ओम सिंह अशफाक

Post Views: 238 ओमसिंह अशफाक  आबिद आलमी (4-6-1933—9-2-1994) पिछले दिनों अम्बाला में तरक्की पसंद तहरीक में ‘फिकोएहसास के शायर’ जनाब आबिद आलमी हमसे हमेशा के लिए बिछड़ गए। उनका मूल…

placeholder

पितृतुल्य प्रो. शिव कुमार मिश्र – ओम सिंह अशफाक

Post Views: 332 ओमसिंह अशफाक  शिव कुमार मिश्र (2-2-1931—21-6-2013) जी का जाना हिन्दी जगत में सक्रिय विमर्श और रचनात्मक आलोचना के एक स्तम्भ का उखड़ जाना है। समकालीन परिदृश्य में इस…

placeholder

नव जागरण के अग्रदूत डॉ. ओ.पी. ग्रेवाल – ओमसिंह अशफाक

Post Views: 498 ओमसिंह अशफाक  (हरियाणा की मिट्टी के सलौने-सपूत, नवजागरण के अग्रदूत डा. ओ.पी. ग्रेवाल का साढ़े 68 साल की नाकाफी उम्र में 24 जनवरी 2006 को ब्रेन-ट्यूमर के…

placeholder

बोल बम, बोल बम – ओम सिंह अशफाक

Post Views: 156 ओम सिंह अशफाक  1 जिनका आज राज है, उन्हीं का सुराज है। शिक्षा भी उनकी है, स्कूल भी उनका। शाखा भी उनकी है, फूल भी उनका। शास्तर…

placeholder

बन्दा रिक्शा खींच रहा है – ओम सिंह अशफाक

Post Views: 256 ओमसिंह अशफाक  1 नया-नया किसी गांव से आया लगता है झिझका शर्माया ना रहने का कोई ठौर ठिकाना यूं शहर लगे उसको बेगाना संदर—सुंंदर भवन बणे हैं…