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क़ानून- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला (हरभगवान चावला सिरसा में रहते हैं। हरियाणा सरकार के विभिन्न महाविद्यालयों में  कई दशकों तक हिंदी साहित्य का अध्यापन किया। प्राचार्य पद से सेवानिवृत हुए। तीन कविता संग्रह…

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इतिहास- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला (हरभगवान चावला सिरसा में रहते हैं। हरियाणा सरकार के विभिन्न महाविद्यालयों में  कई दशकों तक हिंदी साहित्य का अध्यापन किया। प्राचार्य पद से सेवानिवृत हुए। तीन कविता संग्रह…

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न्याय- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला (हरभगवान चावला सिरसा में रहते हैं। हरियाणा सरकार के विभिन्न महाविद्यालयों में  कई दशकों तक हिंदी साहित्य का अध्यापन किया। प्राचार्य पद से सेवानिवृत हुए। तीन कविता संग्रह…

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सज़ा- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला (हरभगवान चावला सिरसा में रहते हैं। हरियाणा सरकार के विभिन्न महाविद्यालयों में  कई दशकों तक हिंदी साहित्य का अध्यापन किया। प्राचार्य पद से सेवानिवृत हुए। तीन कविता संग्रह…

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भेड़िया- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला (हरभगवान चावला सिरसा में रहते हैं। हरियाणा सरकार के विभिन्न महाविद्यालयों में  कई दशकों तक हिंदी साहित्य का अध्यापन किया। प्राचार्य पद से सेवानिवृत हुए। तीन कविता संग्रह…

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मोहल्ला द्रोह- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला (हरभगवान चावला सिरसा में रहते हैं। हरियाणा सरकार के विभिन्न महाविद्यालयों में  कई दशकों तक हिंदी साहित्य का अध्यापन किया। प्राचार्य पद से सेवानिवृत हुए। तीन कविता संग्रह…

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ख़ून- हरभगवान  चावला

हरभगवान चावला राजा को ख़ून देखने का जुनून था। ख़ून देखे बिना उसे नींद नहीं आती थी। राजा चूंकि राजा था, ख़ून बहाने के परंपरागत एकरस तरीक़े से ऊब जाता-…

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किश्तियाँ – हरभगवान चावला

‘भूमिहीन खेतिहर मज़दूर के लिए कुँवारी, परित्यक्ता, विधवा कैसी भी वधू चाहिए। शादी एकदम सादी, शादी का सारा ख़र्च वर पक्ष की ओर से होगा। अगर ज़रूरत हुई तो वधू…

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मुल्तान की औरतें – हरभगवान  चावला

हरभगवान  चावला की कविताएं मुल्तान की औरतें अस्सी पार की ये औरतें जो चलते हुए कांपती हैं लडख़ड़ाती हैं या लाठी के सहारे कदम बढ़ाती हैं धीरे-धीरे सन सैंतालीस में…

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ले परधान बीड़ी जला-हरभगवान चावला

कहानी ले परधान बीड़ी जला गांव के लगभग मध्य में बने मकान के सामने वाले चबूतरे पर चीेकट तहमद-कमीज धारण किए ‘परधान’ अक्सर बैठा रहता। उसके पैरों की जूती कभी…