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सत्याग्रह दर्शन और भारत

आज भी और पहले भी सत्ताग्रह और सत्याग्रह में संघर्ष रहा है।गांधी ने सत्य की अविछिन्न परंपरा से अपने को जोड़ा। सत्ता सत्य की परिभाषा बदलने पर उतारू है। सत्य हमेशा लोकमंगलकारी होता है। सत्य पर प्रहार और हमले लोक पर और लोकतंत्र पर हमले हैं।

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प्रेमचंद के साहित्यिक सरोकार और वर्तमान साहित्य

Post Views: 8 ‘प्रेमचंद के साहित्यिक सरोकार औऱ वर्तमान साहित्य’ विषय पर आज सत्यशोधक फाउंडेशन और ओमप्रकाश ग्रेवाल संस्थान द्वारा प्रेमचंद जयंती और शहीद उधम की शहादत के उपलक्ष्य में…

मुक्तिबोध के जन्म शताब्दी अवसर पर एक काव्य-गोष्ठी

Post Views: 3                 22 अगस्त को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की आर्टस फैक्लटी में टीम देस हरियाणा ने गजानन माधव मुक्तिबोध के जन्म शताब्दी अवसर पर एक काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया…

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सामंती व्यवस्था से टकराता साहित्यकार – बी. मदन मोहन

तीसरे हरियाणा सृजन उत्सव के दौरान 9 फरवरी 2019 को ‘लेखक से संवाद’ सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें हिमाचल के प्रख्यात साहित्यकार एस.आर. हरनोट के साथ श्रोताओं ने संवाद करना था, लेकिन स्वास्थ्य के चलते वे पहुंच नहीं पाए। एम एल एन कालेज, यमुनानगर में हिंदी के एसोसिएट प्रोफेसर बी.मदनमोहन ने उनकी रचनाओं से परिचित करवाया और उनकी रचनाओं के सामाजिक सरोकारों व सौंदर्य-शिल्प पर चर्चा की। प्रस्तुत है विकास साल्याण की रिपोर्ट –

उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है

धर्म के क्षेत्र में भक्ति आत्मा की मुक्ति और मोक्ष का मार्ग हो सकता है , लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में भक्ति या नायक पूजा पतन और तानाशाही का मार्ग होता है।उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है। हम उत्पीड़न की जब हम बात करते हैं तो हम घटनाओं की बातकरते है तो उसकी जड़की और विमर्श की बात नहीं करते।

नयी सुबह तक

Post Views: 8 कुरुक्षेत्र, 10 मार्च देस हरियाणा द्वारा स्थानीय महात्मा ज्योतिबा फुले सावित्रीबाई फुले पुस्तकालय में देश की पहली शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में सेवानिवृत्त आईएएस…

हरियाणा सृजन उत्सव – सृजन के नए संकल्पों के साथ सम्पन्न

Post Views: 2 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित आर.के. सदन में देस हरियाणा द्वारा आयोजित किया जा रहा दो दिवसीय हरियाणा सृजन सृजन के नए संकल्पों के साथ सम्पन्न हो गया। अहा…

हरियाणा का आर्थिक विकास और सांस्कृतिक पिछड़ापन – प्रोफेसर टी आर कुण्डू

Post Views: 2 एक नवम्बर 2015 को कुरुक्षेत्र में ‘देस हरियाणा’ पत्रिका की ओर से हरियाणाः साहित्य समाज और संस्कृति विषय पर सेमिनार का आयोजन किया। जिसमें अर्थशास्त्री प्रो. टी….

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हरियाणा के पचास साल:भविष्य के सवाल

‘देस हरियाणा’ ने 18 नवम्बर 2016 को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र में ‘हरियाणा के पचास साल : भविष्य के सवाल’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया। प्रो. नीरा वर्मा, कृषि वैज्ञानिक प्रो. कुलदीप ढींढसा, डा. अशोक चौहान, श्री आर.आर. फुलिया, वी.एन.राय, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेन्द्रपाल सिंह, पत्रकार दीपकमल सहारन, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेन्द्रपाल सिंह ने परिचर्चा में भाग लिया। प्रो. टी.आर. कुंडू  ने  इसकी अध्यक्षता  की।

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वर्तमान दौर में शिक्षा में दिशा के सवाल

Post Views: 1 रिपोर्ट 7 अक्तूबर 2018 को कुरुक्षेत्र के पंचायत भवन में डॉ.ओम प्रकाश ग्रेवाल अध्ययन संस्थान द्वारा वार्षिक ‘ग्रेवाल स्मृति व्याख्यान’ करवाया गया। मुख्य वक्ता पदम् श्री प्रोफेसर…