पत्नी – जयपाल

पत्नी का लौट आता है बचपन
जब दूर पार से मिलने आते हैं पिता जी
पत्नी की आंखों में उतर आता है संमदर
जब अचानक आकर मां सिर पर रखती है हाथ
पत्नी को याद आने लगती है मुट्ठी में बंद तितलियां
जब बहनों के आने का समाचार मिलता है
पत्नी भूल जाती है ससुराल के पाठ
जब भाई आकर घर में कदम रखता है
इस तरह
घर में खुल जाती है एक प्रतिबंधित किताब

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